क्यों होनी चाहिए बच्चों में बचपन से रीडिंग हैबिट

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reading habit
रीडिंग हैबिट

आजकल बच्चें लिखनें और पढ़नें में कम रुचि लेते हैं, और ज्यादातर उनका ध्यान खेलने और कूदनें में लगा रहता है, अधिकांश समय वह केवल टीवी,गेम,फोन में ही बिताना जरुरी समझते हैं। लेकिन बच्चों के लिए यह सारी चीजें काफी हानिकारक होती हैं इससें उनका मानसिक विकास अच्छें से नहीं हो पाता है, वह चिडचिडें और गुस्सैल स्वाभाव के हो जाते हैं हर बात पर जिद करना किसी भी काम में ठीक से मन नहीं लगना, यह सारी बातें बच्चों के शरीरिक विकास के लिए भी अच्छी नहीं है। लेकिन यदि हम बच्चों को शुरुआत से ही पढ़नें की आदत यानी की( रीडिंग हैबिट) का विकास करें तो बड़े होने तक उनका ध्यान इन चीजों की तरफ कभी जायेगा ही नहीं। यदि आप बच्चें को पढ़नें के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं, तो इन बातों पर ध्यान दीजियें-

किताबें और किताबें, सुनने में थोडा अटपटा सा लगेगा लेकिन यह बहुत जरुरी है, एक साल के अन्दर बच्चों का ध्यान नयीं चीजों की तरफ बहुत जाता है, खासतौर से कलरफुल चीजों की तरफ, यदि आप तभी से बच्चों को अन्य गैजेट देने के बजाय कलरफुल किताबें देना शुरु कर दें तो खुद ब खुद बच्चा उस किताब की तरफ आकर्षित होगा।

आजकल बाजार में एक साल तक के बच्चों के लिए ऐसी बहुत सी किताबें है जो काफी यूजफल हैं जिनमें कलरफुल पिक्चर, स्टोरी नेरेशन, और भी ऐसी बहुत सारी चीजें हैं, और इसके साथ ही कलरफुलमैट भी उपल्ध हैं जिनमें अल्फाबैट्स, और काफी कुछ बना होता है, जिनसे इतनी कम उम्र से ही काफी कुछ सीखने लगता है। यदि ऐसी आदतों का विकास बचपन से ही किया जायें, तो बड़े होकर भी बच्चों का ध्यान गैजटस की तरफ कम जायेगा।

बच्चों के और बड़े होने पर उनकी किताबों और पढ़नें के प्रति रुचि ज्यादा बढ़ेगी, और वह अपने स्कूलों की किताबों में भी इटंरेस्ट दिखायेगा। दो साल से बड़े बच्चों के लिए यदि आप स्टोरी बुक दें, और उसे स्टोरी नेरेशन की तरह पढ़ायें, साथ ही बच्चें से उस स्टोरी को लेकर प्रश्न पूछें कि इसमें उसका फेवरेट कैरक्कटर कौन सा है, इस स्टोरी की सबसे अच्छी बात क्या है, आपने इससे क्या सीखा यह सब छोटी-छोटी बातें बच्चों के बहुत काम की हैं, क्योंकि इससें बच्चों में किताबों को लेकर इंटरेस्ट भी रहेगा, और वह फोन और टीवी से भी दूर रहेगें।

एक समय ऐसा आता है कि बच्चों का कोई एक विषय उसका फेवरेट बन जाता है और यदि बचपन से ही पढ़नें की आदत डाल दी जाये तो, हमें यह भी पता चलने लगता है कि बच्चें किस विषय में सबसे ज्यादा रुचि ले रहे हैं। यह आदत पूरी जिन्दगी काम आती है क्योंकि हम जितना पढ़तें हैं उतना ज्यादा ही सीखते हैं।

बच्चें तो खासतौर से स्टोरी के जरिए बहुत कुछ सीख लेतें हैं कोशिश करियें की बच्चों को उनकी रुचि के हिसाब सें स्टोरी बुक दें, लेकिन फैंटसी स्टोरी बुक से दूर रखें, ऐसी बुक दें जिनमें कि मीनिंगफुल स्टोरी हो जो बच्चों के सामजिक विकास में भी मदद करें। इन सब छोटी-छोटी बातों के जरियें हम बच्चों के अन्दर उनकी छुपी हुयी प्रतिभाओं को भी निखार सकते हैं। तो क्यों आज से अपने बच्चों को रीडिंग हैबिट के लिए प्रोत्साहित करें।

 

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