क्या है यह ज़िका वायरस?

0
405

दुनियाभर में तबाही मचाने वाले जीका वायरस ने भारत में दस्तक दे दी है। जीका वायरस मुख्य रूप से एक संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलता है। इस बीमारी के लक्षण भी डेंगू और चिकनगुनिया की तरह ही हैं जो उसी मच्छर से फैलते हैं जिनसे जीका वायरस फैलता है। यह वायरस गर्भवती महिलाओं पर अटैक करता है। जीका गर्भ में पल रहे बच्चों पर असर डालता है, जिससे शिशु का दिमाग विकसित नहीं होता। इसके प्रभाव से बच्चे छोटे सिर के साथ पैदा होते हैं।

अभी तक जीका वायरस की कोई दवा औैर वैक्सीन नहीं बनी है। इस पर अनुसंधान जारी है। दवा या वेक्सीन तैयार करने में कुछ वर्ष लग सकते हैं। जीका वायरस से प्रभावित शख्स को काफी तेज बुखार आता है, जोड़ों में दर्द होता है और शरीर पर रेशेज (लाल धब्बे) हो जाते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय पहले भी परामर्श जारी कर लोगों को सतर्क कर चुका है कि वे जीका प्रभावित देशों की यात्रा से बचें। जीका वायरस का कोई तोड़ अभी तक नहीं मिलने से यह बीमारी खतरनाक हो चुकी है। इससे बचने का एकमात्र उपाय मच्छरों से बचना है। वैसे तो भारत जैसे देश में हर वर्ष बीमारियां दस्तक देती हैं तो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाती हैं। राजधानी दिल्ली समेत अनेक शहरों में डेंगू, चिकनगुनिया फैलता है तो लोगों को अस्पतालों में बैड तक नसीब नहीं होते। पहले इन बीमारियों का प्रकोप एक या दो महीने रहता था, लेकिन अब राजधानी में भी पाया गया है कि यह बीमारियां ग्रीष्मकाल में हो जाती हैं जबकि 44-45 डिग्री तापमान में मच्छर तो मर जाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here