तनाव से रहना चाहते हैं दूर , तो अपनायें इन बातों को

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PC: shuttershock

आपको बता दे ब्रिटिश शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आप तनाव से बचना चाहते है तो आपको अपने शब्दकोश से तनाव शब्द को ही निकाल देना चाहिए। एक अध्ययन में ये बताया गया कि स्ट्रेस बोलते ही शरीर के कुछ कैमिकल्स सक्रिय हो जाते हैं। शोधकर्ता का कहना है कि स्ट्रेस शब्द आपकी जिंदगी पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। अध्ययन में पाया गया कि स्ट्रेस शब्द बोलते ही शरीर में एपीनेफ्रिन और कार्टिसोल बढ़ जाते हैं और मस्तिष्क में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर्स आपको और भी ज्यादा स्ट्रेस्ड फील करवाते हैं।

ऐसे में दिल तेजी से धड़कने लगता है और सांसे भी तेज हो जाती हैं। इस दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से हम कुछ सोच नहीं पाते और डर तथा चिंता का शिकार बनने लगते हैं। स्ट्रेस से दूर रहने के लिए हमें हमारी भाषा और सोच में सुधार करना होगा। अगर आप कभी खुद को स्ट्रेस्ड महसूस करें भी तो तुरंत खुद से बातें, सकारात्मक किताबें पढ़ना आदि काम शुरू कर देने चाहिए। जेसा हम सोचेंगे वैसा ही हमारे साथ होता है ।

डॉ. प्रतिमा रायचुर का कहना है कि स्ट्रेस शब्द को ही हमें दिमाग से निकाल देना चाहिए और ये मेडिटेशन तथा एक्सरसाइज से ही संभव है। इसलिए हमें पहले अपनी आदतें पहचाननी होंगी और सोच को सकारात्मक रखना होगा। डॉक्टर्स का कहना है जब भी हम स्ट्रेस में हो तो उन चीज़ो  के बारे में सोचे जो हमे खुशी देती हो अपनी फॅमिली के साथ वक़्त बिताये ज़्यादा से ज़्यादा अच्छा सोचे । ऐसा करने से दिल की धड़कन और कार्टिसोल लेवल सामान्य रहते हैं।

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