इयरफ़ोन पर गाने सुनने के हैं शौकीन? जानें इसके हानिकारक प्रभाव

1
249
इयरफ़ोन आपके कानों को अंदर से नुकसान पहुँचाता है।

अपने आसपास ऐसे लोगों को आपने जरूर देखा होगा, जो लगातार कानों में इयरफ़ोन्स लगाए रहते हैं। हो सकता है आप भी ऐसा करते होंगे। आए दिन हम सुनते हैं कि इयरफ़ोन्स पर गाना सुनते हुए कोई गुज़र रहा था और उसका एक्सिडेंट हो गया। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इयरफ़ोन्स से होने वाले नुकसान सिर्फ़ यहीं तक सीमित नहीं है। ये आपके कानों को भी अंदर से नुकसान पहुँचाता है।
आज हम इस पोस्ट के ज़रिए आपको इयरफ़ोन से होने वाले नुकसान और इससे जुड़ी कई सावधानियों के बारे में बताएँगे…

नाज़ुक कोशिकाओं को नुकसान-

अगर म्यूज़िक सुनने का ज्य़ादा ही शौक है तो इयरफ़ोन के बजाय हेडफ़ोन का इस्तेमाल करें क्योंकि इयरफ़ोन को कानों के अंदरूनी हिस्से में लगाना होता है। यहाँ कुछ ऐसी नाज़ुक कोशिकाएँ होती हैं, जो दिमाग तक ध्वनि पहुँचाने का काम करती हैं। इयरफ़ोन के लगातार संपर्क में रहने की वजह से इन कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ जाती है।

दिमाग पर बुरा असर-

इयरफ़ोन से लंबे समय तक म्यूज़िक सुनने से दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है। इयरफ़ोन से निकलने वाली चुंबकीय तरंगे दिमाग के सेल्स को काफ़ी नुकसान पहुँचाती हैं। आज लगभग 50 फ़ीसदी युवाओं में कान की समस्या का कारण इयरफ़ोन का अत्यधिक प्रयोग है। इयरफ़ोन के अत्यधिक प्रयोग से कान में दर्द, सिर दर्द या नींद न आने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

कान सुन्न हो जाना-

लंबे समय तक से गाने सुनने से कान सुन्न हो जाते हैं जिससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता चली जाती है। अधिक आवाज़ में संगीत सुनने से मानसिक समस्याएँ तो पैदा होती ही हैं, साथ ही इससे हृदय रोग और कैंसर का भी ख़तरा बढ़ जाता है। शुरू में तो पता नहीं चलता पर उम्र बढ़ने के साथ बीमारियाँ सामने आने लगती है। यह कान के पर्दे को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ अंदरूनी हेयरसेल्स को भी नुकसान पहुँचता है। इयरफ़ोन्स के लगातार प्रयोग से सुनने की क्षमता 40 से 50 डेसीबल तक कम हो जाती है। कान का पर्दा वाइब्रेट होने लगता है। दूर की आवाज़ सुनने में परेशानी शुरू हो जाती है। इससे बहरापन भी हो सकता है।

इन तरीक़ो से कम करें इयरफ़ोन्स के नुकसान-
earphones harmful effects
इयरफ़ोन का कम से कम इस्तेमाल करें।
  • अगर आप इयरफ़ोन के इस्तेमाल से होने वाली बीमारियों से बचना चाहते हैं तो इसका कम से कम इस्तेमाल करें।
  • अगर बिना इयरफ़ोन के काम करना मुमकिन नहीं है तो अपने काम के दौरान थोड़ी देर का ब्रेक जरूर लें।
  • छोटे और स्टाइल वाले इयरफ़ोन का इस्तेमाल न करें क्योंकि ये सीधे आपके कान में घुस जाते हैं। इसके बदले बड़े हेडफ़ोन का इस्तेमाल करें।
  • अच्छी क्वालिटी के ही हेडफ़ोंस या इयरफ़ोन्स का प्रयोग करें। ईयरबड की बजाय हेडफ़ोन का प्रयोग करें क्योंकि यह बाहरी कान में लगे होते हैं।
  • अपना इयरफ़ोन दूसरों से शेयर न करें फिर चाहे कोई परिवार का ही क्यों ना हो।
  • अगर इयरफ़ोन पर कोई रबड़ या स्पंज लगा है तो उसे एक महीने में बदल दें।
  • सफ़र करते वक्त इयरफ़ोन का इस्तेमाल करने से परहेज़ करें क्योंकि तब आप वॉल्यूम बहुत बढ़ा देते हैं। सफ़र के दौरान हर 10 मिनट बाद कान को आराम दें।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here