अगर लगातार बैठकर करते हैं काम, तो हो जाएँगे इन बीमारियों के शिकार

0
276
sitting for long hours is harmful
नई टेक्नोलॉजी के आने से एक ही जगह पर बैठे बैठे सारे काम हो जाते हैं।

आज कल के नए युग में नई टेक्नॉलिजी के आने से लोग समझते हैं कि अब वो सारा काम बैठे बैठे कर सकते हैं। पहले कोई भी काम होता तो लोगों को उसके लिए काफ़ी भाग दौड़ करनी पड़ती थी। लेकिन अब नई टेक्नोलॉजी के आने से एक ही जगह पर बैठे बैठे सारे काम हो जाते हैं।
यहाँ तक कि आजकल के अधिकतर जॉब्स में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठना पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार बैठकर काम करना सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह हो सकता है?

अगर आप भी घंटो तक बैठे रहते है या दिन भर कंप्यूटर के सामने वक्त गुज़ारते हैं तो आप नीचे बताई गई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं..

1. पीठ और पेट पर बुरा असर-

लंबे समय तक बैठे रहने से रक्त वाहिनियों के कार्य पर प्रभाव पड़ता है।

लम्बे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है। रीढ़ में संकुचन पैदा होने लगता है क्योंकि दबाव के चलते मांसपेशियाँ सख़्त हो जाती हैं। पीठ के साथ पेट पर भी लगातार बैठने का बुरा असर पड़ता है। आपको पेट दर्द की समस्या होनी शुरू हो जाती है। देर तक गतिहीन रहने से हमारी शरीर की मांसपेशियों की एक्टिविटीज़ सीमित हो जाती है। ख़ासकर पैरों और पीठ की मांसपेशियों पर इसका असर पड़ता है। इससे लंबे समय तक बैठे रहने से रक्त वाहिनियों के कार्य पर भी प्रभाव पड़ता है। ज़्यादा खाने की आदत भी पैदा होने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ शुरू होने लगती हैं।

2. सिर में और गले में दर्द-

दिन भर के दौरान टांगों में इकट्ठा हुआ तरल गर्दन तक चला जाता है

लंबे समय के लिए बैठे रहने से खून के थक्के बन सकते हैं, जो दिमाग तक पहुंच कर स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं। साथ ही यह गर्दन को भी नुकसान पहुँचाता है। दिन भर के दौरान टांगों में इकट्ठा हुआ तरल गर्दन तक चला जाता है, जिसके चलते स्लीप एप्निया जैसी समस्या हो सकती है।

3. उँगलियों में समस्या-

एक ही जगह पर कलाई रखकर की-बोर्ड पर काम करने से उँगलियों में सूज़न की समस्या होती है।

कम्प्यूटर के की-बोर्ड पर घंटों टाइप करने से उँगलियों और कलाई में बहुत दर्द होता है। इसके कारण आपका हाथ भी प्रभावित हो सकता है। एक ही जगह पर कलाई रखकर की-बोर्ड पर काम करने से उँगलियों में सूज़न, दर्द, झुनझुनी, हड्डियों के दर्द की समस्याएँ होती हैं।

4. बाँहों पर बुरा असर-

लम्बे समय तक बैठे रहने से नाड़ियों पर दबाव पड़ता है।

लम्बे समय तक बैठे रहने से बाँहों पर भी असर पड़ता है। शारीरिक गतिविधि की कमी से हाई बीपी या हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा पैरों के सुन्न होने का कारण रक्त प्रवाह कम(ब्लड सर्कुलेशन) होने लगता है। इसके कारण नाड़ियों को नुकसान पहुँचता है। लम्बे समय तक बैठे रहने से नाड़ियों पर दबाव पड़ता है।

 

 

5. व्यायाम ज़रूर करें-

हमें प्रति दिन कम से कम एक घंटा व्यायाम ज़रूर करना चाहिए।

एक रीसर्च में पहले किए गए ऐसे ही अन्य अध्ययनों की पुष्टि करते हुए कहा गया है, कि अगर आप लगातार आठ घंटे तक ऑफिस या घर में कुर्सी पर बैठे रहकर काम करते हैं, तो आप कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।

इन ख़तरनाक प्रभावों को कुछ हद तक व्यायाम कम कर सकती है, लेकिन उन्हें पूरी तरह से समाप्त नहीं कर सकती।
हमें प्रति दिन कम से कम एक घंटा व्यायाम ज़रूर करना चाहिए। ऐसे व्यायामों में तेज़ी से पैदल चलना, सुबह नंगे पैर घास पर चलना, खेलना, थोड़ा नृत्य करना शामिल हैं। इससे पूरे दिन बैठे रहने से पैदा होने वाली समस्याओं को टाला जा सकता सकता है। ज़रूरी है थोड़ा आलस्य छोड़कर आप काम के बीच थोड़ा टहलें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here