क्या पपीता खाने के इन नुकसानों से वाकिफ़ हैं आप?

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कहते है लिमिट से ज़्यादा कुछ भी खाना सेहत के लिए हानिकारक होता है। ऐसा ही हाल पपीता का भी है। अगर पपीते को सीमित मात्रा में खाया जाए तो यह कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। लेकिन इसे ज़्यादा खाना सेहत के लिए बहुत ख़तरनाक है। आपको हैरानी होगी की ज़्यादा पपीता खाने से आपको कई दिक्कतें हो सकती है, आगे की स्लाइड्स में पढ़े।

1. पीलिया होने की है आशंका:-

इसका ज़्यादा सेवन करना हानिकारक भी हो सकता है।

यह सब जानते हैं कि पपीता खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन इसका ज़्यादा सेवन करना हानिकारक भी हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला पपाइन और बीटा कैराटीन नामक पदार्थ इंसान के शरीर में पीलिया और अस्‍थमा जैसी ख़तरनाक बीमारियाँ पैदा कर सकता है। दोनों ही पदार्थ पपीते में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।

2. गर्भवती महिला को पपीता बिल्कुल नहीं खाना चाहिए:-

गर्म तासीर होने के कारण यह आपके गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुँचा सकता है।

प्रेग्नेन्सी में पपीता खाना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है और ये आपके गर्भपात का कारण बन सकता है। पपीते की तासीर काफ़ी गर्म होती है। हालांकि इस बात को लेकर वैज्ञानिकों और डाक्टरों की अलग-अलग राय है। दरअसल इसका प्रयोग पेट संबंधी रोगों या क़ब्ज़ होने पर पेट साफ़ करने के लिए भी किया जाता है। इसी के चलते यह माना जाता है, कि गर्म तासीर होने के कारण यह आपके गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुँचा सकता है।

3. कच्चा पपीता सेहत के लिए होता है हानिकारक:-

आधा पका हुआ पपीता सुरक्षित नहीं होता है।

पपीता अगर पूरी तरह से पका हुआ नहीं है, जरा भी कच्चा है तो यह सेहत के लिए हानिकारक होता है। आधा पका हुआ पपीता सुरक्षित नहीं होता है। एक शोध के अनुसार, कच्चे या आधे पके हुए पपीते में लेटेक्स की अधिकता होती है। यह लेटेक्स गर्भाशय के संकुचन के लिए ज़िम्मेदार हो सकता है। साथ ही पपीते के छिलके और बीज भी गर्भावस्था में बेहद हानिकारक हो सकते हैं। इस बात का ज़रूर ध्यान रखें कि पका हुआ पपीता भी गर्भावस्था में हानिकारक होता है। डॉक्टर से पूछ कर ही प्रेग्नेन्सी में पपीते का सेवन करें।

4. एलर्जी का डर:-

इसमें पाया जाने वाला लैटेक्‍स नामक पदार्थ एलर्जी की समस्‍या को पैदा कर सकता है।

ज़्यादा मात्रा में पपीता खाने से एलर्जी का भी ख़तरा बना रहता है। इसमें पाया जाने वाला लैटेक्‍स नामक पदार्थ एलर्जी की समस्‍या को पैदा कर सकता है। ऐसे में पपीते का सेवन ज़्यादा करने की बजाए तय मात्रा में किया जाए, तो यह सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं है।

5. ब्रेस्टफ़ीडिंग कराते हैं तो इसे खाने से बचें:-

पपीते में पपाइन नाम का एक विषाक्त पदार्थ होता है जो छोटे बच्चे के लिए हानिकारक होता है

गर्भावस्था के दौरान तो पपीता हानिकारक है ही, इसके अलावा प्रसव (डिलीवरी) होने के कुछ समय बात तक भी पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पपीते में पपाइन नाम का एक विषाक्त पदार्थ होता है जो छोटे बच्चे के लिए हानिकारक होता है इसलिए इसे नहीं खाना चाहिए।

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