घातक ज़ीका वायरस से ब्रेन कैंसर का इलाज संभव?

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zika virus Dangerous for unborn children
जीका वायरस अजन्मे बच्चों के मस्तिष्क को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए कुख्यात है

जानिए क्‍या है ज़ीका वायरस ?

ज़ीका एक वायरस है जो एडीज़, एजिप्‍टी और अन्‍य मच्‍छरों से फैलता है। ये चिकनगुनिया और डेंगू भी फैलाते हैं। ज़ीका के लक्षणों में बुखार, जोड़ो का दर्द, शरीर पर लाल चकत्‍ते, थकान, सिर दर्द और आंखों का लाल होना आदि शामिल है।इससे माइक्रोकेफेली का खतरा होता है। इससे प्रभावित बच्‍चे का जन्‍म आकार में छोटे और अविकसित दिमाग के साथ होता है। वायरस की पहचान पहली बार 1947 में हुई थी। जिसके बाद ये कई बार अफ्रीका व साउथ ईस्ट एशिया के देशों के कुछ हिस्सों में फैला था।ज़ीका वायरस के बारे में और महत्वपूर्ण बातें यहाँ जाने।

क्या कहती है रिसर्च-

Scientist developing cure of zika virus
रिसर्च के मुताबिक, ज़ीका वायरस ब्रेन कैंसर से जुड़े सेल्स को भी मार सकता।

अब वैज्ञानिकों ने पाया है कि यह वायरस घातक ब्रेन कैंसर से जुड़ी कोशिकाओं को भी मार सकता है। कहने का मतलब अडल्ट्स में होने वाले ब्रेन कैंसर से जुड़ी कोशिकाओं को मार सकता है। ये वे कोशिकाएं हैं, जो मानक उपचार के प्रति सबसे अधिक प्रतिरोधी होती हैं। यह बात वैज्ञानिकों के एक शोध में सामने आई है। ये नतीजे ब्रेन कैंसर की घातक किस्म ग्लियोब्लास्टोमा के लिए एक प्रभावी उपचार का रास्ता तैयार कर सकते हैं।

इलाज कैसे संभव करेगा ज़ीका वायरस-

zika Virus can cure brain tumor and cancer
यरस की घातक शक्ति को मस्तिष्क में मौजूद विसंगति वाली कोशिकाओं की ओर मोड़ा जा सकता है।

रिसर्च में सामने आया है कि इस वायरस की घातक शक्ति को दिमाग में मौजूद एक-दूसरे के अपोजिट सेल्स की दि‍शा को मोड़ा जा सकता है। ऐसा करने से ग्लियोब्लास्टोमा कैंसर से लड़ रहे मरीजों की स्थिति में सुधार आ सकता है।

अमेरिका में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर माइकल एस डायमंड ने कहा, ‘‘हमने दिखाया कि ज़ीकावायरस उन ग्लियोब्लास्टोमा कोशिकाओं को मार सकता है, जो मौजूदा उपचारों की प्रतिरोधी हैं और मौत की वजह बनती हैं।’

मौजूदा समय मे नही है कोई  स्थाई उपचार-

No Permanent cure for Zika Virus
अभी तक कोई स्थाई इलाज नही है ज़ीका वाइरस का।

अब तक इसका कोई उपचार संभव नहीं हो पाया है। लेकिन हाल ही में हुई रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि अगर इस वायरस का सिलेक्टिव इस्तेमाल किया जाए तो व्यस्कों के मस्तिष्क में कैंसर पैदा करने वाले सेल्स को इसकी मदद से खत्म किया जा सकता है। अगर ये संभव हुआ तो आने वाले समय मे मेडिकल और साइन्स के क्षेत्र में नयी क्रांति आएगी।

 ये सुझाव रिसर्च के दावे पर है । किसी भी सुझाव पर अमल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 

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