बढ़तें वज़न और पेट की चर्बी से हैं परेशान, तो अपनाएँ 6 असरदार योगासन

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FAT BURNING YOGA ASANAS
योग से पेट की सफ़ाई, सहनशक्ति को इज़ाफ़ा, लचीलापन बढ़ता है।

वज़न कम करने के लिए योग को सबसे उत्तम तरीका माना जाता है। योग से पेट की सफ़ाई, सहनशक्ति में इज़ाफ़ा और लचीलापन बढ़ता है।
जब भी हमारा वज़न बढ़ता है तो सबसे पहले पेट के आसपास चर्बी बनना शुरू हो जाता है।

एक बार पेट बढ़ जाने के बाद घटाना मुश्किल होता है| लेकिन योग से इस समस्या का इलाज भी हो सकता है| पेट को कम करने वाले योग आसनों को करके आप पेट की चर्बी को आराम से कम कर सकते है।

इस आसन की मुद्रा पहाड़ों पर की जाने वाली मुद्रा के समान होती है।

कैसे करें- अपने एक पैर को पीछे की ओर खींचकर दूसरे पैर को आगे कूदने की मुद्रा में बना लें, जिसमें घुटने 90 डिग्री मुद्रा में हो और हाथों को जोड़कर सिर के ऊपर तक ले जाएँ। ये पेट के फ़ैट को कम करने में सहायक है।

  • कपालभाति-

    KAPAL BHATI ASAN
    कपालभाति प्राणायाम : इसमें पेट की मांसपेशियाँ आकुंचित होती हैं।

इस प्राणायाम से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।

कैसे करें- सबसे पहले पद्मासन या सुखासन जैसे किसी शांत आसन में बैठ जाएँ ।
कमर और गर्दन को सीधा कर लें जिससे छाती आगे की ओर उभरी रहेगी।
हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें, अब आँखें बंद करके आराम से बैठें और ध्यान को श्वास की गति पर ले आएँ।
इस वक्त पेट ढीली अवस्था में होगा। अब कपालभाति करना शुरू करें। इसके लिए नाभि से नीचे के पेट को पीछे की ओर पिचकाएँ यानी अंदर की ओर करे या धक्का दें।
इसमें पेट की मांसपेशियाँ आकुंचित होती हैं। फिर साँस को नाक से थोड़ा सा बल लगाकर बाहर की ओर फेंकें। इससे साँस के बाहर निकलने की आवाज़ भी पैदा होगी। अब अंदर की ओर दबे हुए पेट को ढीला छोड़ दें और साँस को बिना अंदर जाने दें। साँस भरने के लिए ज़्यादा ज़ोर न लगाएँ। फिर से पेट अंदर की ओर दबाते हुए तेजी से साँस बाहर निकालें।

  • भुजंगासन-

    BHUJANG AASAN
    भुजंगासन पेट की मांसपेशियों को मज़बूती भी प्रदान करता है।

भुजंगासन पेट की चर्बी कम करने में मददगार है। साथ ही साथ बाजुओं, और पेट की मांसपेशियों को मज़बूती भी प्रदान करता है।

तरीका- इसके लिए पहले पेट के बल सीधा लेट जाएँ और दोनों हाथों को माथे के नीचे टिकाएँ। दोनों पैरों के पंजों को साथ रखें। अब माथे को सामने की ओर उठाएँ और दोनों बाजुओं को कंधों के समान पोज़ में रखें जिससे शरीर का भार बाजुओं पर पड़े। शरीर के अग्रभाग को बाजुओं के सहारे उठाएँ शरीर को स्ट्रेच करें और लंबी साँस लें। कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहने के बाद वापस पेट के बल लेट जाएँ। शुरू में 30 सेकेंड करने के बाद लंबे अभ्यास के बाद इसे तीन मिनट तक किया जा सकता है। कम से कम दो से पांच बार कर सकते हैं।

  • चक्रासन-

    CHAKRASANA YOGA
    इसके ज़रिए आप अपने पेट संबंधित मसल्‍स को पूरी तरह ठीक रख सकते हैं।

योग में इसे अहम आसन माना गया है, इसके ज़रिए आप अपने पेट संबंधित मसल्‍स को पूरी तरह ठीक रख सकते हैं।

तरीका- इस आसन में पहले आप पीठ के सहारे सीधा लेट जाएँ। फिर घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों के तलवे को कुछ दूरी बनाकर ज़मीन पर टिकाकर रखें। फिर अपने हाथों को शरीर की दिशा में ले जाएँ।
इस दौरान ध्‍यान रहे कि हथेलियाँ नीचे की ओर रहे। आप अपने हाथों को मिलाकर साथ रखें और फिर अपने शरीर को उपर की ओर लाएँ। इस अवस्‍था में तीस सेकेंड से लेकर 01 मिनट तक रहें। फिर शरीर को धीरे-धीरे सतह पर लाएँ। इसे चार बार दोहराएँ।

  • बोट मुद्रा-

    BOAT POSE YOGA
    इस आसन को करने से आप पेट में कोर की मांसपेशियों को मज़बूत कर सकते हैं।

तरीका- पीठ के बल लेट ने के बाद अपने शरीर को ‘वी’ आकार, (बोट) से मिलता-जुलता बनाएँ।
मुद्रा को 15 सेकंड तक बनाएँ रखें। इस दौरान आपको लगेगा कि आपकी मांसपेशियाँ उछल रही हैं, लेकिन यह आपके बैली फ़ैट को बिल्कुल ख़त्म कर देगा।

  • चक्‍की चलनासन

    CHAKKI CHALASANA
    चक्‍की चलनासन से वज़न कम करने में भी फायदा मिलता है।

तरीका- योग का यह आसन पेट की चर्बी को दूर करने में रामबाण जैसा है। इससे वज़न कम करने में भी फायदा मिलता है और अनचाहा फ़ैट भी घटता है।
सबसे पहले आप योगा मैट या ज़मीन पर आराम से बैठें।
अब अपने पैरों को सामने की ओर से फ़ैलाएँ।
दोनों पैर आपस में सटे रहें, इस बात का ख़याल रखें। अब अपने दोनों हाथों को आपस में मिलाकर पकड़ लें और फिर बिना घुटनों को मोड़े सर्कुलर (चक्र के तौर पर) दिशा में घुमाएँ। 8 बार इस आसन को घड़ी की दिशा में घुमाएँ और फिर कुछ देर रुकने के बाद, इस बार घड़ी की विपरीत दिशा में घुमाएँ फिर धीरे-धीरे छोड़ दें।

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