इस दिवाली जानियें इन्हें जिहोनें कई हज़ारों घरों को किया रौशन

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लोग जो अपने सॉलिड इरादों के दम पर कुछ कर जाते है, हर रोज़ मुश्किलों से तकराते है, रोज़ हमें गर्व का एहसास करातें है वही रियल हीरोज़ कहलाते है। आज हमारें साथ जानिये ऐसे ही लोगों की बेहतरीन कहानियां जिन्होंने अपनें मज़बूत इरादों के दम पर दुनिया को बदलने का और उसे बेहतर बनाने का संकल्प लिया है।

1गिरीश भरतद्वाज:- बांधें कई लोगों के सपनों के पुल

गिरीश भरतद्वाज उम्र 67 कर्नाटक। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर लेकिन लोगों की ज़िन्दगियों को बेहतर बनानें के लिए इन्होंने जो कदम उठाएं वे ना सिर्फ इस समाज के लिए मिसाल बनें बल्क़ि कई हज़ारों को सपनों को भी जिंदा किया।

आजकत गिरीश भरतद्वाज ने लोगों की ज़िन्दगियों को सरल बनाने के लिए बिना किसी सरकारी सहयाता के 127 ब्रिज बनाएं। ये ब्रिज आज लगभग 2200 गाँव और दो लाख से ज़्यादा गाँव वालों को शहर से जोड़ते है। गिरीश भरतद्वाज का मानना है कि ये ब्रिज केवल दो ज़मीन के टुकड़ो को नही जोड़ते बल्कि गाँव वालों को उनकें सपनों से जोड़ते है। इनकें उल्लेखनीय कार्यों के लिए इन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाज़ा जा चुका है। आज गिरीश भरतद्वाज ब्रिज मैन ऑफ़ इंडिया कहलाते है।

http://https://www.youtube.com/watch?v=H1NYFLGb8Hw&t=108s

2प्रवीण तुलपुले:- नेवीमैन से बने क्लाउन मैन  

प्रवीण तुलपुले उम्र 56, मुंबई। एक नेवी का बन्दा लोगों के चहरे पर हसी लाने लिए क्लाउन मैन बना, कई लोगों ने मजाक बनाया आलोचनाएं की, कि कैसे एक बन्दा जिसने 17 साल नेवी में काम किया क्लाउन बन सकता है? लेकिन उन्होंनें लोगों के चहरों पर मुस्कराहट लानें का सिलसिला नही छोड़ा। वे उन लोगों के लिए जीते है ओर जीते जायेगें जो बहुत ही कम समय के लिए ही इस दुनिया में है।

प्रवीण तुलपुले आजतक 4,500 से भी ज़्यादा शोज़ कियें है कभी कैंसर से ग्रसित बच्चों के लिए तो कभी उनकें लिए जो कुछ ही दिनों के मेहमान थे। वो बिना किसी पैसो के ये काम करतें है क्योकिं उनका मानना है कि किसी को ख़ुशी देना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है अगर हमारें पास बस थोड़ा सा समय हो क्योकिं ख़ुशी देने के लिए पैसे नही लगते। आज लोग प्रवीण तुलपुले को हैप्पी अंकल के नाम से जानतें है।

http://https://www.youtube.com/watch?v=o3gKJtC4iVE

3विजय लक्ष्मी शर्मा:- मज़बूती से खड़ी है समाज के खिलाफ़

विजय लक्ष्मी शर्मा उम्र 22 साल राजस्थान, ऐसें समाज आती है जहाँ लड़कियों की शादी माँ के पेट में ही तय हो जाती है, जहाँ लड़कियों को बोझ समझा जाता है। पर विजय लक्ष्मी ने अपनें मज़बूत इरादों के दम पर ना ही सिर्फ् इस समाज से टक्कर ली बल्क़ि कई ज़िन्दगियों को बर्बाद होनें से भी बचाया। आज तक विजय लक्ष्मी शर्मा ने 100 से ज्यादा बाल विवाहों को रुकवाया है।

लगातार होते सामाजिक हमलों ने भी विजय लक्ष्मी के हौसलों में कमी नही आने दी क्योकिं इनका मानना है कि जब तक उनकें आलोचक नही होंगे तक तक वे और साहस के साथ काम नही कर सकतीं इसीलिए विजय लक्ष्मी अपनें विरोधियों की सबसे बड़ी शुक्रगुज़ार हैं।

http://https://www.youtube.com/watch?v=uQBGj__meuk&t=33s

4ओमकार नाथ शर्मा:-अभावों में भी लोगों को जिंदा रखा

ओमकार नाथ शर्मा उम्र 80 साल दिल्ली। दिल्ली के रहनें वाले ओमकार नाथ शर्मा ने लोगों के घर घर जाकर दवाइयां दान में मांगी ताकि उनकी लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकें जिनके पास पैसे नही है। कई सालों की आलोचनाओ झेलने के बाद भी उन्होंने अपना ये प्रयास जारी रखे तथा अब यह छोटा सा प्रयास एक जन आन्दोलन बन चूका है और अब तक इस जनआन्दोलन ने कई सौ लोगों की जिंदगियां बचाई है। आज उनकें पास देश विदेश के कोने कोने से दवाइयां पहुंच रहीं है।

ओमकार नाथ का कहना है कि मैं लोगों से सिर्फ़ दवाइयां नही मांग रहा हूँ मैं सिर्फ इंसानों की जिंदगियां मांग रहा हूँ। इन जिन्दगियों को बचानें में उनका कोई योगदान नही है, योगदान सिर्फ् उन लोगों का है जो उन्हें दवाइयां दान में देते है। आज ओमकार नाथ शर्मा जी को मेडिसिन बाबा के नाम से जाना जाता है।

http://https://www.youtube.com/watch?v=IjeJfm2tQqg&t=20s

5चवांग नोरफेल:-कई ग्लेशियरों के निर्माता

चवांग नोरफेल उम्र 81 साल लद्दाख। एक मामूली किसान के बेटे ने आज तक 25 आर्टिफीसियल ग्लेसियर बनाएं। शुरू में का लोगों ने कहा कि ये क्या कर रहा है चवांग लेकिन चवांग को पता था कि अगर आज पानी की अहमीयत को नही समझा तो आने वाला भविष्य भी ख़तरे में पड़ सकता है। उन्होनें पानी को बचानें की तरकीब निकाली तथा पानी को छोटे छोटे डैमों जमा किया जो बाद में ग्लेसियर बनें।

उनका मानना है कि अगर इंसान गिर जाए तो मिट्टी का सहारा लेना पड़ता है। जितनी भी आने वाला जनरेशन है उनकों पानी का वैल्यू पता होना चाहियें। अपनीं तरफ से पूरी कोशिश करनी चाहियें चाहे कोई साथ दे या ना दे। आज चवांग नोरफेल आइस मैन ऑफ़ इंडिया कहलाते है।

http://https://www.youtube.com/watch?v=wVDWe1EK3Fg&t=2s

 

6करीम उल् हक़:- 24×7 अम्बुलेंस बाइक

करीम उल् हक़ उम्र 52 साल वेस्ट बंगाल। लोगों की जिंदगियां बचाई बाइक पर अस्पताल तक ले जाकर। समाज के लिए कुछ करने का ज़ज्बे ने इन्हें इतना मज़बूत कर दिया कि अब करीम उल् हक़ अब अम्बुलेंस दादा के के नाम से जाने जाते हैं। अब तक उन्होनें 15 गाँव से 3,000 से ज़्यादा लोगों की जान बचाई है।

उनका अब केवल एक ही लक्ष्य है कि किसी भी इंसान की मौत बिना इलाज़ के ना हो। उनकी इस मुहीम को हमारा सलाम है।

http://https://www.youtube.com/watch?v=y4aF-1VFgRY

 

 

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