शिवलिंग के बारे में पाँच आश्चर्यजनक तथ्य

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Shivling amazing facts
शिवलिंग

हिन्दू धर्म में शिवलिंग सभी शिव मंदिरों में स्थापित किया जाता है। इसका हिन्दू धर्म में बहुत महवपूर्ण स्थान है। शिवलिंग त्रिदेवों के देव शिव को दर्शाता है। यह गोल, अंडकार जो एक परिपत्र आधार रखा गया शिव का प्रतिबिंब है। यह दो शब्दों, शिव (भगवान शिव जो महादेव, शंकर, रुद्र आदि के नाम से जाने जाते हैं ) और लिंग (यानि चिन्ह ) से मिलकर बना है। शिवलिंग का भगवान शिव के पवित्र प्रतीक के रूप में पूजा करने का अभ्यास प्राचीन समय काल से चला आ रहा है।

Three parts of a shivling
शिवलिंग तीन भाग

शिवलिंग को भगवान् शिव के प्रतीक से अलग ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। कुछ लोगों को यह भ्रम है कि शिवलिंग भगवान् शिव के लिंगा को दर्शाता है परंतु ऐसा नहीं है, यह अकार ब्रम्हांड, लौकिक, अणु, परमाणु और अनंत शक्ति दर्शाता है। यह शिव के सकला एवं निशाकला दर्शाता है। शिवलिंग आत्मा परमात्मा दोनों को दर्शाता है और उनके मेल से मोक्ष की प्राप्ति होती है। लिंगा निराकार शक्ति को दर्शाता है जो इस ब्रम्हांड की घटनाओ का मूल है। भगवान् शिव हिन्दू धर्म के विध्वंसक और निर्माता के रूप में देखा जाता है। आईये जानते है कुछ अनोखे तत्थ्य शिवलिंग के बारे में :-

1शिवलिंग तीन भागों में बंटा हुआ है

शिवलिंग तीन भागों में बता हुआ है। सबसे नीचे का भाग, जो ब्रह्मा को दर्शाता है। ब्रह्मा को दुनिया का निर्माता माना जाता है और उनको सबसे नीचे रखा गया है, यानी कि ब्रम्हांड के निर्माता से ही शिवलिंग की रचना शुरू होती है। बीच का भाग विष्णु भगवान को दर्शाता है। वह इस दुनिया के रक्षित है। तीसरा और सबसे ऊपर का हिस्सा जो एक गोलाकार है शिव को दर्शाता है। यह अनंत व उन्नति भी दिखाता है।

2सिर्फ हिन्दू सनातन धर्म ही पूजा नहीं करता

शिवलिंग को हिन्दू धर्म में उच्च स्थान प्राप्त है। भारत में शिवलिंग को महत्व दिया जाता है और पूजा जाता है। शिवलिंग सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि श्रीलंका और रोम में भी पूजा जाता है। वह भी शिव की भक्ति में विश्वास रखते है।

3वास्तु के लिए यह घर में साकारत्मक सोच उत्पन करता है

घर पर कुछ लोग शिवलिंग को रखना शुभ नहीं मानते पर वास्तु है कि घर में शिवलिंग रखना शुभ है। इसे रखने से घर में एक साकारत्मक सोच आती है और घर में खुशी रहती है।

4वैज्ञानिक तथ्य

शिवलिंग के आकार से लेकर दूध से अभिषेक करने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं। शिवलिंग यह गोलाकार ब्राह्माण दर्शाता है जो अनंत और मूल दर्शाता है। हम दूध देसी गाय का चढ़ाते है, किसी और का नहीं क्यूँकि माना जाता है कि दूध सकारात्मक ऊर्जा को कंडक्ट करता है। इससे पूजा करते समय हमारे शरीर एवं बुद्धि में पॉज़िटिव एनर्जी का प्रभाव आता है।

5सार्वभौमिक स्तंभ

शिलिंग को प्रकाश का स्तंभ भी कहा जाता है। वेद में भी कहा गया है कि अग्नि एक स्तम्भ का आकर लेती है जो शिवलिंग दर्शाता है। धर्म शब्द भी उन चीज़ो को दर्शाता है जो कायम रहते है और स्तंभ ही ऐसा प्रतीक बनाता है। स्तंभ ही रीढ़ की हड्डी और स्थिर दिमाग दर्शाता है। शिवलिंग को हिन्दू धर्म में सार्वजनिक स्तंभ मन जाता है।

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