शरद पूर्णिमा : बनायें स्वादिष्ट खीर का प्रसाद

0
3007
RECIPE OF KHEER
शरद पूर्णिमा पर खीर का भोग लगाया जाता है

आज शरद पूर्णिमा का त्यौहार है इस दिन रात्रि के उस पहर का जिसमें 16 कलाओं से युक्त चंद्रमा अमृत की वर्षा धरती पर करता है, रात्रि 12 बजे होने वाली इस अमृत वर्षा का लाभ मानव को मिले इसी उद्देश्य से चंद्रोदय के वक्त गगन तले खीर या दूध रखा जाता है, जिसका सेवन रात्रि 12 बजे बाद किया जाता है। मान्यता तो यह भी है कि इस तरह रोगी रोगमुक्त भी होता है इसके अलावा खीर देवताओं का प्रिय भोजन है। शरद पूर्णिमा की अधिक जानकारी के लिए यहाँ click करें।

वैसे तो खीर कई तरह की होती है लेकिन यह खीर अगर प्रसाद बन जाये तो उसका अलग ही महत्व है। यहां पर हम चावाल की खीर बनाने की विधि बता रहे हैं

खीर बनाने के लिये सामग्रियां

  1. चावल बासमती टुकड़ा – 1/2 कप
  2. दूध फुल क्रीम – 1 किलो
  3. देशी घी-1 टेबल स्पून
  4. काजू – 1 टेबल स्पून कटे हुये
  5. छुहारा-1 टेबल स्पून कटे हुये
  6. नारियल सूखा-1 टेबल स्पून कटा हुया
  7. किशमिश – एक टेबल स्पून
  8. मखाने – कटे हुये आधा कप
  9. इलाइची – 4-5 छील कर पीस लें
  10. सेब-1 कटोरी छोटे टुकडों में कटे हुये
  11. केसर-जरुरत अनुसार
  12. चीनी- 100 ग्राम या आधा कप

बनाने की विधि

  1. सबसे पहले डेढ कटोरी चावाल को 1 घंटे के लिये भिगो दें इससे चावाल मुलायम रहेगा और जल्दी पकेगा।
  2. उसके बाद चावाल का पानी निकाल कर कढाई में हल्का घी डालें धीमी आंच पर चावाल को अच्छी तरह से भून ले, जब तक की उसमें से सोधीं सी खुशबू ना आने लगे।
  3. कढाई को गैस से उतारें नानस्टिक कढाई या पैन में घी डालें फिर सारी कटी हुयी मेवा हल्की सी भून लें इसके बाद इसमें 1 किलों फुल क्रीम दूध डालें और 1 मिनट के लियें चलायें।
  4. इसके बाद भूना हुये चावाल को उसी कढाई में डालें जिसमें दूध और अन्य सामाग्री है और चलाते रहे ध्यान रखे चावाल और मेवा चिपकने ना पाये।
  5. 15 से 20 मिनट तक चावाल को अच्छी तरह से अन्य सामाग्री के साथ चलाये जब तक चावाल पके ना।
  6. चावाल पकने के बाद इसमें जरुरतनुसार केसर डालें, ध्यान रखें केसर को डालने से पहले उसे थोडें से पानी में भिगो लें।
  7. खीर को आंच से उतारें और इसमें आप थोडें छोटे कटे हुये सेब के टुकडें भी डाल सकते हैं।
  8. सजावट के लिये ऊपर से सूखे कटे मेवा और इलायची पाउडर डालकर सजायें।

इस खीर को भगवान का भोग लगा कर आज यानी शरद पूर्णिमा के दिन रात में छत, आगंन या जहां चद्रंमा की रोशनी आती है उसके नीचे किसी बर्तन में ढक कर रात भर रख दें, इसके बाद खीर का स्वाद ही अलग होगा उसमें एक अलग तरह की मिठास का अनुभव मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here