केदारनाथ मंदिर से जुड़ी ये रोचक बातें नहीं जानते होंगे आप

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kedarnath temple
केदारनाथ मंदिर

गोवर्धन पूजा के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार(20 अक्टूबर) को केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने यहां केदारनाथ मंदिर में आधे घंटे तक पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री की यह इस सीज़न की दूसरी यात्रा है। इससे पहले कपाट खुलने के बाद वह तीन मई को केदारनाथ आए थे।

केदारनाथ मंदिर को लेकर कई मान्यताएँ है जैसे यहाँ दर्शन करने के बाद स्वर्ग का रास्ता खुल जाता है। आज हम आपको इस प्राचीन मंदिर के बारे में ख़ास बातें बताएँगे, जिन्हे जानने के बाद इस मंदिर के प्रति आपकी श्रद्धा और बढ़ जाएगी।

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केदारनाथ मंदिर
  • मान्यता- पांडवों के वंशज ने बनवाया केदारनाथ

ऐसी मान्यता है कि पांडवों के वंशज ने यहाँ केदारनाथ मंदिर बनवाया था। उसी मंदिर के पास आठवीं सदी में शंकराचार्य ने वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। यानी कि आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा बनवाए गए आज के केदारनाथ मंदिर से पहले भी यहां पर शिव की पूजा होती थी।

  • कैसे पड़ा नाम केदारनाथ

केदारखंड की एक कथा बहुत प्रचलित है – नारायण की प्रार्थना पर भगवान शिव ने केदारखंड में निवास करने का वरदान दिया। उस समय यहां केदार नामक राजा शासन करते थे। उन्ही के नाम पर यह क्षेत्र केदारखंड कहलाता था। राजा केदार भगवान शिव के भक्त थे। राजा की प्रार्थना पर भगवान शिव ने केदारखंड का रक्षक बनना स्वीकार किया और भगवान शिव कहलाने लगे केदारनाथ।

  • केदारनाथ यात्रियों को स्वर्ग की प्राप्ति

शिव पुराण में कहा गया है कि केदारनाथ में जो तीर्थयात्री जाते है, उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है और अपने सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

  • जब शिव जी बैल रूप में आए

कहा जाता है कि महाभारत युद्ध जीतने के बाद पांडवों पर परिवार के लोगों की हत्या का दोष लग गया और पांडव भ्रातृहत्या के पाप से मुक्ति पाना चाहते थे। वे भगवान शिव को खोजते हुए हिमालय पहुंचे। पांडवों से नाराज भगवान शिव उन्हें दर्शन नहीं देना चाहते थे इसलिए बैल बन गए। लेकिन पांडवों ने शिव को पहचान लिया और भीम ने बैल बने शिव जी का कूल्हा पकड़ लिया।

बैल बने शिव जी का वही कूल्हा शिवलिंग के रूप में प्रकट हो गया। यही एक कारण है कि आज भी पशुपतिनाथ मंदिर में बैल के अगले और केदरनाथ में पिछले हिस्से की पूजा की जाती है।

  • केदारनाथ के बिना बद्रीनाथ यात्रा सफल नहीं

केदारनाथ के बारे में एक खास बात लिखी गई है कि जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन किये बिना बद्रीनाथ की यात्रा करता है, उसकी यात्रा सफल नहीं होती है।

  • 400 वर्ष तक बर्फ में दबा रहा मंदिर

वैज्ञानिकों के अनुसार केदारनाथ मंदिर 400 साल तक बर्फ के नीचे दबा था लेकिन फिर भी उसे कुछ नहीं हुआ। चार सौ साल तक ग्लेशियर के भयानक बोझ को सह चुका है केदारनाथ मंदिर।

  • 2013 की आपदा में हुआ चमत्कार

2013 में 16-17 जून को आई आपदा के समय केदारनाथ मंदिर में कई चमत्कार भी हुए। एक बड़ा पत्थर मंदिर के पीछे पानी के साथ आया और मंदिर के थोड़ी सी पीछे रुक गया। जब पानी और मलबे का बहाव आया तो उस चट्टान ने बहाव दो तरफ मोड़ दिया और मंदिर को आंच त‌क नहीं आने दिया। इस चमत्कार के बाद इसका नाम भीम शिला रख दिया गया।

क्या आपको केदारनाथ से जुड़े ये तथ्य पसंद आए? कमेंट्स सेक्शन में ज़रूर बताएँ।

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