“ब्लू व्हेल” गेम का शिकार हुआ एक और बच्चा, टॉस्क पूरा करने के लिए किया आत्महत्या का प्रयास

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Blue Whale game is threat to children

एक समय ऐसा था जब मोबाइल केवल आम लोगों के लिये एक बात करने का जरिये था, लेकिन समय के साथ-साथ जैसे तकनीकी ने विकास किया मोबाइल सभी की जरुरत बन गया फिर चाहे वो बच्चे या बडे हो, नये ऐप से लेकर सोशल साइटस ने तो धूम मचा रखी है। देखा जाये तो मोबाइल में कुछ चीजे तो हमारी रोज की जरुरतों
में शामिल हो गयी हैं, जैसे फेसबुक,व्हाटस ऐप,गेम जिनका इस्तेमाल लगभग हर उम्र के लोग करते है, जिनमें बच्चे भी किसी से पीछे नही हैं।

अगर बात गेम की हो तो ऐसे बहुत सारे गेम हैं जो हर कोई खेलना चाहेगा, लेकिन एक गेम ऐसा भी है जो बच्चों को जान देने पर मजबूर कर देता है। जी हां यह गेम है ऑनलाइन गेम “ब्लू व्हेल” जो दुनिया भर में बच्चों की जान के लिये खतरा बन चुका है। इस गेम के कारण इंदौर के एक छात्र ने अपने स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की, लेकिन उसके कुछ साथियों ने उसे रोक लिया। एएसपी रूपेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि राजेंद्र नगर क्षेत्र के चमेली देवी पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा का 13 वर्षीय छात्र ने तीसरी मंजिल की रैलिंग फांदकर नीचे छलांग लगाने की कोशिश कर ही रहा था, उसके साथियों ने उसे पकड़कर ऊपर खींचा। साथ ही अध्यापकों को इस घटना की जानकारी दी बाद में पुलिस को इसकी सूचना दी गयी।

खबरों के मुताबिक गेम का आखिरी टास्क पूरा करने के लिए उस बच्चे ने खुदकुशी की कोशिश की। प्राचार्य ने बताया कि खुदकुशी से रोके जाने के बाद छात्र बेहद डरा हुआ था। शिक्षकों ने जब प्रेम से बात करते हुए उसे भरोसे
में लिया, तो उसने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से मोबाइल पर “ब्लू व्हेल” गेम खेल रहा था। यह गेम काफी खतरनाक साबित हो रहा है। पिछले दिनों ही मुंबई के उपनगरीय अंधेरी इलाके में 14 वर्षीय एक छात्र ने ब्लू व्हेल
के “सुसाइड चैलेंज” के तहत टास्क पूरा करते हुए 29 जुलाई को एक इमारत के पांचवें माले से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस गेम से बच्चों को बचाने के लिये स्वंय अभिवावकों को अपने बच्चों की हर गतिविधियों को देखना होगा, कि
बच्चा बहुत समय मोबाइल में तो नहीं दे रहा है, यह फिर तनाव में तो नहीं है इन सारी बातों का ध्यान देना बहुत जरुरी है।

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