ब्रिक्स सम्मेलन का आखरी दिन : क्या रहे महत्वपूर्ण मुद्दे ?

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BRICS nations head set their goals for future.
ब्रिक्स सम्मलेन

आज ब्रिक्स सम्मलेन का आखिरी दिन है | प्रधानमंत्री जी ने कई वार्ताओ के जरिये भारत की राणनीति जाहिर कर दी है |सबसे पहली प्राथमिकता आतंकवाद से निपटना है|
हाल ही में शी चिनफिंग से मुलाकात करके प्रधानमंत्री जी ने साफ़ साफ़ और कड़े शब्दों में कह दिया है की आतंकवाद से किसी भी तरीके से ख़त्म करना ही है | इसके लिए सबको आपस में मिलकर लड़ना होगा |

BRICS INDIA ECONOMY
ब्रिक्स नये आयामों को छूता हुआ

चीन के समप्रमुख शी चिनफिंग से मुलाताक कई मायनो में अहम् है. मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अनुसार भर के कुल व्यापार 59.37% चीन से ही हो रहा है | इसी कारण यह मुलाकात रणनीतिक और आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण है|
ब्रिक्स की विश्व में कुल भागीदारी राष्ट्र संयुक्त विदेशी मुद्रा भंडार में 8 खरब अमेरिकी डॉलर का योगदान करते हैं। इन राष्ट्रों वर्ष 2016 तक, पाँचों ब्रिक्स राष्ट्र दुनिया के लगभग 3 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं |BRICS संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद 22% खरब अमेरिकी डॉलर का है। ब्रिक्स देशो का ग्रोथ रेट 22% से आगे बढ़ रहा है |

तत्वतः परस्पर हित के आर्थिक मुद्दों से प्रारंभ करते हुए ब्रिक्स बैठकों के एजेंडे का दायरा वर्ष-दर-वर्ष बढ़ा है जिसमें विषयगत वैश्विक मुद्दे शामिल हुए हैं। ब्रिक्स सहयोग के दो स्तम्भ हैं- नेताओं और साथ ही वित्त, व्यापार, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कृषि, संचार, श्रम आदि के मंत्रियों की बैठकों के माध्यम से परस्पर हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श और कार्य समूहों/वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों के माध्यम से कई क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग। नियमित वार्षिक शिखर सम्मेलन तथा जी-20 शिखर सम्मेलनों के अवसर पर नेताओं की बैठकें आयोजित की जाती हैं।

साथ ही प्रधानमंत्री जी ने फिर दोहराया की ” सबका साथ – सबका विकास ” ही ब्रिक्स का आधार होना चाहिए |

 

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