आईएएफ़ का एमआई17 हेलीकॉप्‍टर क्रैश 7 की मौत, जानें कब-कब आईएएफ़ के विमान हुए क्रैश

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airforce aicraft crash
एयरफोर्स का हेलिकॉप्टर MI-17 अरुणाचल में क्रैश

भारतीय वायुसेना का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर आज(6 अक्टूबर) अरुणाचल प्रदेश के तवांग के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें 7 लोग सवार थे और सभी शहीद हो गए।
बताया जा रहा है कि इसमे 5 एयरफ़ोर्स क्रू मेंबर्स और 2 आर्मी पर्सनल शामिल हैं। यह दर्दनाक हादसा तवांग के पास खिरमू इलाके में हुआ। हेलिकॉप्टर ने एयर मेंटनेंस मिशन के लिए उड़ान भरी थी।

यह दर्दनाक हादसा 85वें एयरफ़ोर्स डे से दो दिन पहले हुआ-

8 अक्टूबर को आईएएफ़ अपनी 85वीं सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहा था। लेकिन उससे पहले इस दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया।
वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसा सुबह लगभग छह बजे हुआ। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया गया है।

एयर चीफ़ बीएस धनोआ ने जताई थी चिंता-
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एयर चीफ़ बीएस धनोआ

गुरुवार को एयर चीफ़ मार्शल बीएस धनोआ ने प्रेस कांफ़्रेंस में कहा था कि शांति के समय में भी जवानों की मौत होना काफी गंभीर है। हम हादसों को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास अभी कम संख्या में फाइटर हैं, लेकिन हम किसी भी तरह के कार्य को पूरा करने में सक्षम हैं। कहीं ना कहीं वह इसी बात की तरफ़ इशारा कर रहे थे।

2014 से अब तक 24 विमान और 5 हेलिकॉप्टर गँवा चुकी है वायुसेना-

अगर अधिकाएियों की मानें तो क्रैश के पीछे ‘टेक्निकल कमियाँ ‘ और ‘मानवीय ग़लतियाँ ‘ प्रमुक वजह हैं। काफ़ी पुराने एयरक्राफ्ट, खराब रखरखाव, अपर्याप्त पायलट ट्रेनिंग क्रैश की बढ़ी घटनाओं इनके कारणों में से हैं।

 इंडियन एयरफ़ोर्स के कई एयरक्राफ़्ट क्रैश हुए:-
airforce mi-17 helicopter crash
ऐसे हादसों की लिस्ट बहुत लंबी है
  • इसी वर्ष 15 मार्च को सुखोई लड़ाकू विमान राजस्थान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए।
  • इसी साल मई में असम के तेजपुर बेस से फाइटर जेट सुखोई ने टेक ऑफ़ किया था। कुछ ही मिनटों बाद जेट रडार से गायब हो गया और फिर इसके क्रैश होने की खबरें आई।
  • 13 दिसंबर 2011 को पुणे में सुखोई-30 उड़ान भरने के बाद क्रैश हो गया।
  • 14 अक्‍टूबर 2014 को पुणे के पास गाँव में एक सुखोई क्रैश हुआ, गनीमत रही कि दोनों पायलट्स बच गए थे।
  • 19 मई 2015 को असम के ही नागौन जिले में स्थित लाओखोवा में एक सुखोई क्रैश हुआ था।
  • मई 2014 को वायुसेना का मिग-21 लड़ाकू विमान जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग में क्रैश हो गया, जिसमें पायलट की मौत हो गई।
  • 8 मार्च 2014 को सी-130जे सुपर हर्क्यूलिस स्पेशल ऑपरेशन ट्रांसपोर्ट ट्रेनिंग के दौरान क्रैश हो गया। इसमें चालक दल के पाँच लोगों की मौत हो गई।
  • आठ नवंबर 2013 को मिग-29 गुजरात के जामनगर में क्रैश हो गया।
  • अरुणाचल प्रदेश में नौ जून 2009 को ए एन-32 क्रैश हो गया, जिसमें 13 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई।
  • सात मार्च 1999 को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एएन 32 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें वायुसेना के 18 कर्मियों समेत 21 लोगों की मौत हो गई थी। पूरा देश इतने बड़े हादसे से शोक में डूब गया था।
एमआई-17 हेलीकॉप्टर को खुद ही सुरक्षा की ज़रूरत पड़ने लगी है?

एमआई-17 हेलीकॉप्टर का प्रयोग सैन्य टुकड़ियों और हथियारों के परिवहन, अग्निशमन बल को सहायता प्रदान करने, काफिलों को सुरक्षा देने, गश्त और खोज एवं बचाव अभियानों में किया जाता है। लेकिन हर बार हादसों की खबर सुनकर ऐसा लग रहा है कि इनको खुद ही सुरक्षा की ज़रूरत पड़ने लगी है।

यह तो सिर्फ़ गिने चुने हादसे हैं, ऐसे हादसों की लिस्ट बहुत लंबी है। आज के हादसे के बाद अब राष्ट्र की सुरक्षा का सवाल भी उठने लगा है।

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