पीएम मोदी बोले, ‘सिर्फ सफाई करने वालों को है, वन्दे मातरम् बोलने का हक’

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Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने स्‍वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण के 125 साल पूरे होने और दीनदयाल उपाध्‍याय की जन्‍मशताब्‍दी के मौके पर देश के युवाओं को संबोधित किया। पीएम मोदी के भाषण का प्रसारण स्‍कूल और कॉलेज में भी किया गया।

आइए जानते हैं पीएम मोदी के भाषण के कुछ महत्‍वपूर्ण अंश।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत में कहा, कि आज 11 सिंतबर है, विश्‍व को 2001 से पहले यह पता ही नहीं था, कि 9/11 का महत्व क्या है। ये दोष दुनिया का नहीं था, दोष हमारा था, कि हमने ही उसे भुला दिया था। अगर हम ना भुलाते तो 21वीं शताब्दी का भयानक 9/11 ना होता। 125 साल पहले भी एक 9/11 था, जिस दिन एक नौजवान लड़के ने अपने भाषण से दुनिया को हिला दिया था।

पीएम मोदी ने कहा कि उस भाषण से पहले अमेरिका के लोगों को ‘लेडिज एंड जेंटलमैन’ के अलावा कोई शब्द नहीं पता था। लेकिन जब ‘ब्रदर्स एंड सिस्टर्स’ ये दो शब्‍द बोले तो कई मिनटों तक तालियां बजती रही। इन दो शब्‍दों से भारत की ताकत का परिचय करा दिया था।

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने कहा, कि स्‍वामी विवेकानंद जी के दो रूप थे। विश्व में वे जहां भी गए थे, वहां बड़े विश्वास के साथ भारत का महिमामंडन करते थे। लेकिन भारत में समाज के अंदर की बुराईओं को कोसते थे और उनके खिलाफ आवाज भी उठाते थे। विवेकानंद जीवन में कभी गुरू की तलाश में नहीं गए, वे सत्य की तलाश में थे। और महात्मा गांधी भी जीवनभर सत्य की तलाश में घूमते रहे हैं।

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा, कि लोग पान खाकर भारत मां पर पिचकारी मारते हैं और फिर वंदे मातरम् बोलते हैं। जो लोग भारत में सफाई का काम करते हैं। उन्‍हीं लोगों को वंदे मातरम् बोलने का हक है।

साथ ही पीएम ने कहा एक बार मैंने अपने भाषण में बोला था, कि ‘पहले शौचालय, फिर देवालय’। तब मेरे बाल नौंच दिए थे। मगर आज की कई बेटियां हैं कहती हैं, ‘शौचालय नहीं तो शादी नहीं’।

मोदी ने एक मंत्र भी दिया, कि ‘फॉलो द रूल, इंडिया विल रूल’। जो समाज के लिए गलत है उसे छोड़ना होगा।

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