चमकेगी कई हज़ारों युवाओं की किस्मत

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चमकेगी हज़ारों युवाओं की किस्मत

किसी भी देश में कौशल विकास कार्यक्रम के लिए मुख्‍य रूप से युवाओं पर ही जोर होता है। इस मामले में हमारा देश अच्‍छी स्‍थिति में है। जनसंख्‍या का एक बड़ा हिस्‍सा उत्‍पादक आयु समूह में है। यह भारत को सुनहरा अवसर प्रदान करता है, परंतु एक बड़ी चुनौती भी पेश करता है। हमारी अर्थव्‍यवस्‍था को इसका लाभ तभी मिलेगा जब हमारी जनसंख्‍या विशेषकर युवा स्‍वस्‍थ, शिक्षित और कुशल होगी।

भारत के पास एक अतुलनीय युवा जनसंख्‍या है जिससे आने वाले समय में सामाजिक-आर्थिक विकास को जोरदार बढ़ावा मिलना तय है। हमारे पास 60.5 करोड़ लोग 25 वर्ष से कम आयु के हैं। रोजगार के लिए उपयुक्‍त कौशल प्राप्‍त करके ये युवा परिवर्तन के प्रतिनिधि हो सकते हैं। वे न केवल अपने जीवन को प्रभावित करने के काबिल होंगे बल्‍कि दूसरों के जीवन में भी बदलाव ला सकेंगे।

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प्रधानमंत्री-कौशल-विकास-योजना

कौशल विकास में तेजी लाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और पेट्रोलियम एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के सहयोग से दिल्ली के मंदिर मार्ग पर स्मार्ट शहरों में कौशल के लिए भारत के पहले प्रधानमंत्री कौशल केंद्र (पीएमकेके) का उद्घाटन किया। मंत्रियों ने नई दिल्ली के मोती बाग में एक कौशल विकास केंद्र तथा धर्म मार्ग पर उत्कृष्टता केंद्र का शिलान्यास भी किया।

राजनाथ सिंह ने कहा, “भारत में युवाओं की बड़ी आबादी है। यह जनसांख्यिकी लाभांश देश को सुपरपावर बनाने तथा 2030 तक शीर्ष पायदान के तीन देशों की सूची में लाने में मदद कर सकता है। हम अपने युवाओं में निवेश तथा उनके कौशल विकास द्वारा ही इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल कर सकते हैं। मेरा मानना है कि ये कौशल विकास केंद्र युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बनाएंगे।”

कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं-कुशल भारत मिशन एवं स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

बता दें कि दोनों मंत्रालयों एवं नोडल एजेंसियों एनएसडीसी और एनडीएमसी के प्रयासों से यह कदम उठाया गया है, जिन्होंने समावेशी विकास की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

मंदिर मार्ग नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी-पीएमकेके केंद्र एक हेरिटेज इमारत है जो तकरीबन 30,000 वर्गफीट क्षेत्रफल में फैली है, जिसमें 40,000 युवाओं को हर साल प्रशिक्षित करने की क्षमता है।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के बारे में

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प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के बारे में

किसी भी देश में कौशल विकास कार्यक्रम के लिए मुख्‍य रूप से युवाओं पर ही जोर होता है। इस मामले में हमारा देश अच्‍छी स्‍थिति में है। जनसंख्‍या का एक बड़ा हिस्‍सा उत्‍पादक आयु समूह में है। यह भारत को सुनहरा अवसर प्रदान करता है, परंतु एक बड़ी चुनौती भी पेश करता है। हमारी अर्थव्‍यवस्‍था को इसका लाभ तभी मिलेगा जब हमारी जनसंख्‍या विशेषकर युवा स्‍वस्‍थ, शिक्षित और कुशल होगी।

केन्द्र और राज्य सरकारों, उद्योग और व्यावसायिक घरानों से विचार विमर्श कर भविष्‍य की मांग का आकलन किया जाएगा। इसके लिए एक मांग समूहक मंच भी शुरू किया जा रहा है।

कौशल विकास के लक्ष्‍य निर्धारित करते समय हाल में ही लागू किये गय प्रमुख कार्यक्रम जैसे कि ‘मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन और स्‍वच्‍छ भारत अभियान के मांगों को भी ध्‍यान में रखा जाएगा।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत मुख्‍य रूप से श्रम बाजार में पहली बार प्रवेश कर रहे लोगों पर जोर होगा और विशेषकर कक्षा 10 व 12 के दौरान स्‍कूल छोड़ गये छात्रों पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा। योजना का क्रियान्‍वयन एनएसडीसी के प्रशिक्षण साझेदारों द्वारा किया जाएगा। वर्तमान में लगभग 2,300 केंद्रों के एनएसडीसी के 187 प्रशिक्षण साझेदार हैं। इनके अलावा केंद्र व राज्‍य सरकारों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदाता संस्‍थाओं को भी इस योजना के तहत प्रशिक्षण के लिए जोड़ा जाएगा। सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को इस योजना के लिए योग्‍य होने के लिए एक जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। पीएमकेवीवाई के तहत सेक्‍टर कौशल परिषद व राज्‍य सरकारें भी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे।

 

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