फिल्म रानी पद्मावती देखने से पहले जानिये रानी पद्मावती और जौहर प्रथा के बारें में

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RANI PADMAVATI MOVIE
फिल्म पद्मावती का टेल्रर रिलीज

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का ट्रेलर रिलीज हो गया है यह फिल्म शुरु से ही चर्चा में रही है क्योंकि यह फिल्म रानी पद्मावती की कहानी पर आधारित है। इस फिल्म में मुख्य किरदार दीपिका, पादुकोण, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर है इस फिल्म को लेकर सभी किरदारों ने काफी मेहनत की है क्योंकि यह फिल्म देखने से पहले इस फिल्म के विषय में जाना बहुत जरुरी है कि आज से 13-14 वीं सदी में महिलाओं की क्या स्थिति थी, और कैसे वह अपने राज्य और पति के लिये अपने प्राणों का बलिदान दे देती थी। यहां हम बात करेंगें उस विषय पर जिस पर यह फिल्म बनायी गयी है यह फिल्म चित्तौड़ की रानी पद्मिनी पर बनायी गयी है जो कि पद्मावती के नाम से भी जानी जाती हैं।

कौन थी रानी पद्मिनी
रानी पद्मिनी, चित्तौड़ की रानी थी, पद्ममी को पद्मावती के नाम से भी जाना जाता है,यह एक महान 13 वीं -14 वीं सदी की भारतीय रानी और साहस और बलिदान की गौरवगाथा इतिहास में अमर है। सिंहल द्वीप के राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की बेटी पद्मिनी चित्तौड़ के राजा रतनसिंह के साथ उनका विवाह हुआ था। रानी पद्मिनी बहुत खूबसूरत थी और उनकी खूबसूरती पर एक दिन दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की बुरी नजर पड़ गई, अलाउद्दीन किसी भी कीमत पर रानी पद्मिनी को हासिल करना चाहता था, इसलिए उसने चित्तौड़ पर हमला कर दिया। रानी पद्मिनी ने आग में कूदकर जान दे दी, जिसे कि जौहर प्रथा कहते थे, लेकिन अपनी आन-बान पर जरा सी भीआँच नहीं आने दी। ईस्वी सन् १३०३ में चित्तौड़ के लूटने वाला अलाउद्दीन खिलजी था जो राजसी सुंदरी रानी पद्मिनी को पाने के लिए लालयित था लेकिन इस साहसी और पतिव्रता रानी ने लज्जा को बचाने के लिए जौहर करना बेहतर समझा।

इनकी कथा कवि मलिक मुहम्मद जायसी ने अवधी भाषा में पद्मावत ग्रंथ रूप में लिखी है।

क्या है जौहर प्रथा

जौहर पुराने समय में भारत में राजपूत स्त्रियों द्वारा की जाने वाली एक प्रथा थी, जब युद्ध में हार निश्चित हो जाती थी तो पुरुष मृत्युपर्यन्त युद्ध हेतु तैयार होकर वीरगति प्राप्त करने निकल जाते थे तथा स्त्रियाँ जौहर कर लेती थीं अर्थात जौहर कुंड में आग लगाकर खुद भी उसमें कूद जाती थी। जौहर कर लेने का कारण युद्ध में हार होने पर शत्रु राजा द्वारा हरण किये जाने का भय होता था। जौहर क्रिया में राजपूत स्त्रियाँ जौहर कुंड को आग लगाकर उसमें स्वयं का बलिदान कर देती थी। जौहर क्रिया की सबसे अधिक घटनायें भारत पर मुगल आदि बाहरी आक्रमणकारियों के समय हुयी। जौहर नाम सुनकर ही मन में एक भय सा बैठ जाता है कि जीवित होते हुये अग्नि के सामने कूदना सोचकर कर ही यह लगता है कि उस समय की स्त्रियों में कितना साहस था और किस तरह से वह अग्नि की भेंट चढ़ जाती थीं वाकई में यह बहुत ही अद्भभत और अकल्पनीय है।

इस घटना के बारें में हिन्दी के ओजस्वी कवि श्यामनारायण पाण्डेय ने अपना प्रसिद्ध महाकाव्य जौहर चित्तौड की महारानी पद्मिनी के वीरांगना चरित्र को चित्रित करने के उद्देश्य को लेकर ही लिखा था[, जो कि राजस्थान की जौहर परम्परा पर आधारित उनका यह महाकाव्य हिन्दी जगत में काफी चर्चित रहा।

यह फिल्म 1 दिंसबर 2017 को रिलीज होगी। इस फिल्म का ट्रेलर देखकर तो यही लगता है कि दीपिका सहित फिल्म के अन्य किरदारों नें काफी दमदार अभिनय और मेहनत की है।

 

 

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