सुप्रीम कोर्ट से मिली थी गर्भपात की इजाज़त: दो दिन बाद ही रेप पीड़िता ने दिया बच्चे को जन्म

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SUPREME COURT INDIA ALLOWED ABORTION FOR THE FIRST TIME
रेप पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट से गर्भपात की मिली इजाज़त ।

सिर्फ़ दो दिन पहले ही देश के सर्वोच्च अदालत ने 31 हफ्तों की प्रेग्नेन्सी झेल रही रेप पीड़िता को गर्भपात की आज्ञा थी।अब उस 13 साल की रेप पीडिता ने मुंबई के जेजे अस्पताल में शुक्रवार(8 सितंबर) को 1.8 कि. ग्रा वज़नीय बच्चे को जन्म दिया है।

जेजे अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के कार्यकारी डीन और प्रफेसर विनायक काले ने ये जानकारी दी कि ‘बच्चे के पैदा होते ही साँस संबंधित दिक्कत शुरू हो गयी जिसके कारण उसे आई.सी.यू मे रखा गया है। अब भी बच्चा डॉक्टर की निगरानी में है क्यूंकी बच्चे की प्री-मैच्योर डीलिवरी हुई है।
अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ.अशोक आनंद ने ये जानकारी दी , ‘बच्चा ठीक है और उसे कुछ समय के लिए निगरानी में रखा जाएगा।’ पीड़िता अस्पताल में एक हफ्ते तक रहेगी। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, डॉक्टर जब गर्भपात की कोशिश कर रहे थे तो उन्होंने ये पाया कि ये पीड़िता के लिए जानलेवा हो सकता है। ऐसे में उन्होंने सीज़ेरियन ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी करने का फैसला किया।

सिर्फ़ दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट से मिली थी गर्भपात की इजाज़त-

सिर्फ़ दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट से मिली थी 31 हफ्ते की प्रेग्नेन्सी के गर्भपात की इजाज़त। पर चिकित्सकों के मुताबिक ऐसा करना पीड़िता के लिए जानलेवा हो सकता था। इस वजह से बच्चे को पैदा करने का निर्णय लिया गया।

कब और कैसे रेप का शिकार हुई थी नाबालिग?

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आरोपी ने कई बार नाबालिग के साथ रेप किया।

नाबालिग पीड़िता के साथ उसके पिता के बिज़नेस पार्टनर ने 7 महीने पहले बलात्कार किया था। इस साल अगस्त में जब नाबालिग के घरवाले उसे डॉक्टर के पास चेक कराने ले गए कि कहीं अचानक मोटापा थाइराईड की वजह से तो नहीं आया। जब डॉक्टर ने जांच की तो पता चला कि वह 27 हफ्ते की गर्भवती है। पुलिस का कहना है कि तब तक नाबालिग लड़की ने अपने यौन शोषण के बारे में घरवालों को नहीं बताया था।

9 अगस्त 2017 को नाबालिग के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कई बार नाबालिग के साथ रेप किया है और वो अभी पुलिस की गिरफ़्त में है। नाबालिग के घरवालों ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत गर्भपात करने                                  की  कोर्ट में याचिका लगाई थी।

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