बनाइये अपने भारत को स्वच्छ, क्योंकि ‘स्वच्छता ही सेवा’  है

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swatch Bharat mission
स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान के बारें में हम सब जानते हैं, यह अभियान 2 अक्टूबर 2014 को हमारे राष्ट्रपिता गांधी जी के 145 जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुरु किया गया था। भारत सरकार ने २ अक्टूबर 2019 तक भारत को स्वच्छ भारत बनाने का उद्देश्य रखा है जो की महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती होगी, यह है एक राजनीतिमुक्त अभियान है इसमें प्रत्येक नागरिक की यह जिम्मेदारी है कि वह देश का साफ-सुथरा बनानें में सरकार की मदद करें। इसके मिशन को और सफल बनाने के लिए सरकार ने काफी कुछ नये प्रयास किये जिसमें सरकार का साथ पूरे देश के लोगों ने दिया और इसमें जानी मानी हस्तियों ने बढ़-चढ़ कर काफी हिस्सा लिया।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए विश्व स्तर पर लोगों ने पहल की है, इसके अंतर्गत, मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और स्वच्छता पहल की शुरूआत की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में चबाने वाले पान, गुटखा और अन्य तम्बाकू उत्पादों पर रोक लगा दी है, इस मिशन का मुख्य लक्ष्य देश की स्वच्छता प्रणाली में सुधार लाना, स्वास्थ्य लागत को कम करने, मृत्यु दर को कम करने, और घातक बीमारी की दर कम करने और भी कई चीजो में सहायक होंगी।

यदि स्वच्छ भारत होगा तो इससे लोगों में भी जागरुकता फैलगी, भारत के प्रधानमंत्री ने हर भारतीय को 100 घंटे प्रति वर्ष समर्पित करने के लिए अनुरोध किया है जोकि 2019 तक इस देश को एक स्वच्छ देश बनाने के लिए काफी है।

‘स्वच्छता ही सेवा’

पीएम मोदी ने गांधी जी के इस सपने को साकार करने के लिये अक्टूबर तक देश भर में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है और यह मिशन शुरु हो चुका है, इस मिशन की खास बात यह है कि अब से लेकर 2 अक्टूबर तक देशभर में ‘स्वच्छता ही सेवा’  शुरू किया जा रहा है, गांधी जयंती तक देशभर में स्वच्छ भारत मिशन चलेगा। पीएम मोदी ने इस कैंपेन को ‘स्वच्छता ही सेवा’ नाम दिया है।

पीएम का ये मिशन इस कैंपेन में लोगों को जोड़कर इसे जन आंदोलन बनाना है। इसमें लोगों को सफाई और टॉयलेट निर्माण के लिए श्रमदान देने के लिए जोड़ा जाएगा, ताकि गरीबों तक स्वच्छ भारत मुहिम पहुंच सके। वहीं, इसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से लेकर केन्द्रीय मंत्री, गवर्नर, मुख्यमंत्री, सांसद विधायक, धर्म गुरु, सेलिब्रेटी और अधिकारी तक भाग लेंगे।

इन 15 दिनों में आने वाले तीन रविवार यानि 17 सितंबर, 24 सितंबर और 1 अक्टूबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों को श्रमदान के लिए बुलाया गया है। ये लोग टॉयलेट निर्माण, सार्वजनिक स्थानों की सफाई, बस स्टैंडों, स्कूल और कॉलेजों की सफाई, अस्पतालों और तालाबों की सफाई के लिए जुटाए जाएंगे। इस श्रमदान को लेकर हम सबको संकल्प लेना चाहिए और अपने देश को स्वच्छ बनानें में सरकार का पूरी तरह से सहयोग करना चाहिए।

क्या कुछ खास हैं स्वच्छ भारत अभियान में-

  1. इस मिशन में प्रधानमंत्री ने कई जानी-मानी हस्तियों कों इस अभियान का जरिया बनाया था, जिसमें की नौ सदस्य थे, सलमान खान, अनिल अंबानी, कमल हासन, कॉमेडियन कपिल शर्मा, प्रियंका चोपड़ा, बाबा रामदेव, सचिन तेंडुलकर, शशि थरुर और प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” की पूरी टीम।
  2. भारतीय फिल्म अभिनेता आमिर खान को इसके शुभारंभ के मौके पर आमंत्रित किया गया था। इस अभियान के लिये प्रधानमंत्री द्वारा कई ब्रैंड एम्बेस्डर्स का भी चुनाव किया गया था जिनको स्वच्छ-भारत अभियान को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रारंभ और प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी थी।
  3. 8 नवंबर 2014 को उन्होंने कुछ और लोगों को इससे जोड़ा मोहम्द कैफ, सुरेश रैना, अखिलेश यादव, स्वामी रामभद्रचार्या, कैलाश खेर, राजू श्रीवास्तव, मनु शर्मा, देवी प्रसाद द्विवेदी और मनोज तिवारी और 25 दिसंबर 2014 को सौरव गांगुली, किरन बेदी, रामो जी राव, सोनल मानसिंह, और पदमानभा आचार्या आदि को स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बनाया।
  4. बाहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य हर नगर में ठोस कचरा प्रबंधन सहित लगभग सभी 1.04 करोड़ घरों को 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय, 2.5 लाख सामुदायिक शौचालय उपलब्ध कराना है।
  5. सामुदायिक शौचालय के निर्माण की योजना रिहायशी इलाकों में की गई है जहाँ पर व्यक्तिगत घरेलू शौचालय है , इसी तरह सार्वजनिक शौचालय बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, बाजार आदि जगहों पर बनाने के लिए जोर दिया गया। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रम को पाँच वर्षों के अंदर 2019 तक पूरा करने की योजना है, और इस पर अमल किया जा रहा है

आकंडें बताते हैं कि इसके लिये सरकार ने 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिये एक लाख चौतिस हजार      करोड़ की राशि खर्च करने की योजना बनाई है और साथ ही सरकार का मुख्य मकसद लोगों में खुले में शौच की          प्रवृति को मिटाना और सफाई के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरुक करना है।

इसके लिये सरकार ने 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिये एक लाख चौतिस हजार करोड़ की राशि खर्च     करने की योजना बनाई है और साथ ही सरकार का मुख्य मकसद लोगों में खुले में शौच की प्रवृति को मिटाना और         सफाई के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरुक करना है।

इस अभियान को लेकर फिल्में सितारे भी बहुत जागरुक हैं और इसी जागरुकता का परिणाम है फिल्म टायलेट एक प्रेम    कथा दरअसल यह फिल्म खुलें में शौच की प्रवृति को लेकर बनाई गयी थी और यह फिल्म काफी हिट भी हुयी इस   फिल्म के जरिये लोगों को सफाई के प्रति जागरुक करना था, और देखा जाए तो ऐसी फिल्में बहुत कम बनती है या अभी   तक ऐसी फिल्में नहीं आई। फिलहाल हमें गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करना है जो उन्होनें बरसों पहले   देखा था।

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