एक अच्छे अभिनेता के साथ-साथ उम्दा राजनतिज्ञ भी थे सुपर स्टार विनोद खन्ना

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vinod khanna
विनोद खन्ना

विनोद खन्ना हिन्दी फिल्म जगत का वह जाना माना चहेरा जिसने कई हिट फिल्में दी, और उनको अपने फैन्स का बेशुमार प्यार मिला आज के दिन यानी 6 अक्टूबर को विनोद खन्ना का जन्म हुआ था। विनोद खन्ना अपने जमाने के बहुत ही शानदार अभिनेता था । हालिंकी उम्र के आखिरी दौर में वह कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे और 27 अप्रैल 2017 को मुम्बई के एच एन रिलायंस अस्पताल में उनका निधन हो गया। लेकिन आज वह हमारे दिलों मे बसे हुये हैं उनकी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में गहरी छाप छोडती हैं। आइये जानते हैं विनोद खन्ना की जिन्दगीं के बारें में कुछ बातें-

विनोद खन्ना एक भारतीय अभिनेता व रजिनतिज्ञ थे उनका जन्म 6 अक्टूबर,1946 को पेशावर में हुआ था, लेकिन उनके जन्म के एक साल बाद उनका परिवार 1947 में हुए विभाजन के बाद पेशावर से मुंबई आ गया था, उनकी माता का नाम कमला और पिता का नाम किशनचंद खन्ना था।

विनोद खन्ना ने स्कूली शिक्षा नासिक के एक बोर्डिग स्कूल में हुई वहीं उन्होने सिद्धेहम कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया था।

विनोद खन्ना को सुनील दत्त ने ‘मन का मीत’ (1968) में विलेन के रूप में लॅान्च किया था, उसके बाद उन्होने कई फिल्मों में खलनायक का भी किरदार निभाया था, और 1971 में उनकी पहली सोलो अभिनेता वाली फिल्म हम तुम और वो रिलीज हुई

विनोद खन्ना एक अभिनेता होने के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय थे और वह गुरुदासपुर से लोकसभा के सांसद रहे। वे भाजपा के सदस्य थे और कई चुनाव जीत चुके थे। फिल्मों में आने से पहले विनोद खन्ना ने काफी मेहनत की, उनके पिता यह नहीं चाहते थे कि उनका बेटा फिल्मों में काम करें लेकिन विनोद खन्ना का सपना फिल्मों में अभिनय करना था। और अपनी मेहनत और लगन के बलबूते वह फिल्मों के बेहतरीन अभिनेताओं की लिस्ट में शामिल हुये।

हीरो के रूप में स्थापित होने के पहले विनोद ने ‘आन मिलो सजना’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘सच्चा झूठा’ जैसी फ़िल्मों में सहायक या खलनायक के रूप में काम किया। गुलजार द्वारा निर्देशित ‘मेरे अपने’ (1971) से विनोद खन्ना को चर्चा मिली इसके बाद उन्होनें कई हिट फिल्में दीं, उस दौर के स्टार्स अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, सुनील दत्त आदि के साथ कई फिल्में की और अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की जोड़ी को दर्शकों ने काफी सहारना की, उनकी फिल्मों में ‘हेराफेरी’, ‘खून पसीना’, ‘अमर अकबर एंथोनी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ उस समय की हिट फिल्में साबित हुयी। और यह फिल्में आज भी लोग पंसद करते हैं।

इतनी हिट फिल्मों के बाद विनोद खन्ना को अपार सफलता मिली, लेकिन अचानक 1982 में विनोद खन्ना ने अचानक विनोद अपने आध्यात्मिक गुरु रजनीश (ओशो) की शरण में चले गए और फिल्मों से अलविदा कह दिया।

अगर विनोद खन्ना की निजी जिन्दगी के बारें में बात करें तो अचानक इस तरह से चले जाने के कारण उनकी पत्नी गीतांजली नाराज हुई और दोनों के बीच तलाक हो गया। विनोद और गीतांजली के दो बेटे अक्षय और राहुल खन्ना हैं।
।990 में विनोद ने कविता से शादी की। कविता और विनोद का एक बेटा साक्षी और बेटी श्रद्धा है।

कुछ समय बाद1987 में उन्होंने ‘इंसाफ से फिल्मों की तरफ रुख किया। 2015 में फिल्म दिलवाले’ में नजर आने के बाद उन्होंने इसी साल अप्रैल में रिलीज हुई फ़िल्म ‘एक थी रानी ऐसी भी’ में भी अभिनय किया था। 1999 में विनोद खन्ना को उनके इंडस्ट्री में योगदान के लिए फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया था।

लेकिन यह उनकी आखिरी फिल्म साबित हुयी , लेकिन आज भी विनोद खन्ना की यादें उनके फैन्स के दिलों में बरकारार हैं क्योंकि वह अच्छे व्यकित्व वाले इंसान भी थे। अपनी बीमारी के आखिरी दिनों में उन्होनें काफी संघर्ष किया लेकिन मौत पर किसी का वश नहीं है और कैंसर से जूझते हुये वह दुनिया से अलविदा कह गये।

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