क्‍या आप जानते हैं उपराष्‍ट्रपति पद से जुड़ी ये जानकारियाँ?

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Vice President of india
उपराष्ट्रपति पद से जुड़ी जा‍नकारियां

भारत में उपराष्‍ट्रपति का पद दूसरा सबसे सर्वोच्‍च पद है। आधिकारिक क्रम के अनुसार यह पद राष्‍ट्रपति के बाद आता है। हमारे देश में उपराष्‍ट्रपति का पद USA के उपराष्‍ट्रपति की तर्ज पर बनाया गया है। सविंधान में यह पद ‘भाग-5, अनु.- 63’ में वर्णित है।

वहीं संविधान के ‘अनु.- 64’ के अनुसार उपराष्‍ट्रपति राज्‍यसभा का पदेन सभापति होता है, मगर राज्‍यसभा का सदस्‍य नहीं होता। ‘अनु.- 65’ के मुताबिक राष्‍ट्रपति की अनुप‍स्थिति में राष्‍ट्रपति के तौर पर भी कार्य करता है।

उपराष्‍ट्रपति का र्निवाचन

उपराष्‍ट्रपति का चुनाव स‍ंविधान के ‘अनु.- 66’ में वर्णित है। इस पद का चुनाव भारत की जनता नहीं करती बल्कि यह राष्‍ट्रपति की चुनाव प्रक्रिया की ही तरह एक निर्वाचन मण्‍डल द्वारा होता है। निर्वाचन मण्‍डल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्‍य होते हैं मगर राज्‍यों के विधायक नहीं शामिल होते हैं। राज्‍यसभा के 245 सदस्‍य और लोकसभा के 545 सदस्‍य यानी की पूरे 790 सदस्‍य उपराष्‍ट्रपति का चुनाव करते हैं। उपराष्‍ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए किसी भी व्‍यक्ति के पास 20 प्रस्‍तावक और 20 समर्थक होने जरूरी होते हैं।

उपराष्‍ट्रपति पद का समयकाल

संविधान के ‘अनु-67’ के मुताबिक उपराष्‍ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का ही होता है।

शपथ  कौन दिलाता है

संविधान के अनु-69 के अनुसार उपराष्‍ट्रपति को शपथ राष्‍ट्रपति दिलाता है और अनु-71 के अनुसार अगर उपराष्‍ट्रपति के चुनाव के संबंध में कोई भी विवाद होता है तो उसका निपटारा सुप्रीम कोर्ट करता है।

उपराष्‍ट्रपति का वेतन कितना होता है

संविधान के अनु-97 के अनुसार उपराष्‍ट्रपति पद को कोई वेतन नहीं मिलता बल्कि 1,25,000 प्रति माह राज्‍यसभा के पदेनसभापति के पद के लिए दिया जाता है। वहीं अगर उपराष्‍ट्रपति कार्यवाहक राष्‍ट्रपति के तौर पर काम करता है तब उसे 1,50,000 प्रति माह का वेतन दिया जाता है।

इस पद के लिए योग्यता

राष्‍ट्रपति की तरह केवल वह राज्‍यसभा की सदस्यता की योग्यता रखता हो तब वह उपराष्‍ट्रपति पद के लिए भी योग्य माना जाता है।

उपराष्‍ट्रपति त्‍यागपत्र किसे देता है

संविधान के अनु-67 (ए) के तहत उपराष्‍ट्रपति अपना त्‍यागपत्र सिर्फ राष्‍ट्रपति को ही सौंपता है। साथ ही अगर देश का राष्‍ट्रपति त्‍यागपत्र देना चाहता है तो वह उपराष्‍ट्रपति को ही देता है।

पदविमुक्ति

उपराष्‍ट्रपति को पद से हटाने के लिए पहले प्रस्‍ताव राज्‍यसभा में लाया जाता है क्‍योंकि उपराष्‍ट्रपति राज्‍यसभा का पदेनसभा‍पति होता है यह संविधान के अनु-67 (बी) में वर्णित है।

भारत के पहले उपराष्‍ट्रपति

डॉ. एस. राधाकृष्‍णन भारत के पहले उपराष्‍ट्रपति थे और उन्‍होंने इस पद के लिए 12 मई 1952 को शपथ ली थी। राधाकृष्‍णन का कार्यकाल 13 मई 1952 से 12 मई 1962 तक था। राधाकृष्‍णन पहले ऐसे नागरिक थे जिन्‍हें 1954 में दो लोगों के साथ भारत रत्‍न दिया गया था।

मौजूदा उपराष्‍ट्रपति

मुप्‍पवरपु वेंकैया नायडू भारत के 13वें उपराष्‍ट्रपति हैं। वह देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी ‘भारतीय जनता पार्टी’ के शीर्ष नेताओं में से एक हैं। वेंकैया नायडू ने अपना पदभार 11 अगस्‍त 2017 को संभाला था। वेंकैया 2002 से 2004 तक बीजेपी में राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष रह चुके हैं।

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