भारत का नाम रोशन करती बेटियाँ, विश्व स्वास्थ्य संगठन की कमान भी संभाली

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Dr. Soumya Swaminathan
डॉ सौम्या स्वामीनाथन को विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ का उपमहानिदेशक नियुक्त किया गया है।

डब्ल्यूएचओ  की कमान अब नए डिप्टी डायरेक्टर के हाथों में होगी। डॉ सौम्या स्वामीनाथन को विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ का उपमहानिदेशक नियुक्त किया गया है।

वह भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की डायरेक्टर जनरल हैं और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य शोध विभाग की सचिव भी हैं। वह एक बाल रोगविशेषज्ञ भी हैं।

वह एम एस स्वामीनाथन की बेटी हैं:-

उनके पिता एम एस स्वामीनाथन एक कृषि वैज्ञानिक हैं, उन्हे हरित क्रांति का जनक भी कहा जाता है।  इस क्रांति के बाद ही भारत अनाज के मामले में आत्मनिर्भर हो पाया था। सौम्या स्वामीनाथन ने पुणे के आर्म्ड फोर्सेज़ मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने एम्स से एमडी की डिग्री ली।

भारत को गर्व है उन महान महिलाओं पर जिन्होने ना केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देश का नाम रोशन किया है। जानते हैं ऐसी कुछ महिलाओं के बारे में…

  • आशिमा चटर्जी

जिस वक्त महिलाओं का बाहर निकलना ही मुश्किल होता था तब आशिमा ने केमिस्ट्र विषय में महारत हासिल की।
समाज की सारी बेड़ियों को तोड़ते हुए उन्होने अपनी पढ़ाई पूरी की। आज वह मिसाल बन गईं और महिलाओं के लिए।

उनके बारे मे और जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- भारत की साइंटिस्ट आशिमा चटर्जी का 100वाँ जन्मदिन, गूगल ने सम्मान में बनाया डूडल

  • मिताली राज:-

मिताली एक महान भारतीय महिला क्रिकेटर हैं। आज इनकी वजह से देश में वूमन्स क्रिकेट को सराहा जाने लगा है।

हाल ही में बीसीसी ने दुनिया की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची जारी की। इसमे टीम इंडिया की महिला टीम की कैप्टन मिताली राज भी शामिल है।

  • मैरीकॉम:-

महिला बॉक्सर मैरीकॉम के मुक्के को भारत ही नहीं, पूरा विश्व मान चुका है।
लंदन ओलंपिक में कास्य पदक जीतने वाली मैरी कॉम बॉक्सिंग में पाँच बार ‍विश्व विजेता का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं।

भारत सरकार ने 2003 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। 2006 में उन्हे पद्मश्री से सम्मानित किया गया। विश्व में इन्होने देश का परचम लहराया।

  • सुनीता विलियम्स:-

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के माध्यम से अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला है। सुनीता एक महिला अंतरिक्ष यात्री के रुप में 195 दिनों तक अंतरिक्ष में रहीं।

  • कल्पना चावला:-

अंतरिक्ष पर जाने वाली पहली भारतीय महिला कल्पना चावला ने देश का मान बढ़ाया। उन्होंने अपने जीवन में कई बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

जब वह रिसर्च कर पृथ्वी पर वापस लौट रहीं थी तो 1 फ़रवरी 2003 को कोलंबिया अंतरिक्षयान पृथ्वी की कक्षा मे प्रवेश करते ही टूटकर बिखर गया। यान में मौजूद सभी वैज्ञानिक नहीं बच सके। आज भी कल्पना चावला के योगदान को पूरा विश्व याद करता है।

  • अन्य प्रभावशाली महिलाएँ:-

बीसीसी द्वारा जारी दुनिया की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में और भी भारतीय महिलाएँ है।

इरा त्रिवेदी: लेखक, योगा टीचर और कार्यकर्ता। इनके लेखन, टीचिंग और गैर लाभकारी कामों से समाजिक विकास में योगदान।
अदिति अवस्थी: एम्बाइब की संस्थापक और सीईओ।
तुलिका किरण: पिछले 8 सालों से कैदियों के बच्चों को पढ़ा रही हैं।
मेहरूनिसा सिद्दीकी: एक्टर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की माता।

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