आरुषि-हेमराज मर्डर केस में इलाहबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपति को किया बरी

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AARUSHI MURDER CASE
आरुषि हत्याकांड

आरुषि-हेमराज मर्डर केस जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था, और इस हत्याकांड में आरुषि के माता-पिता को ही दोषी करार दिया गया। इस हत्याकांड को 9 साल पूरे हो चुके हैं, इलाहाबाद इलाहबाद हाईकोर्ट ने राजेश और नुपुर तलवार को बरी कर दिया है। तलवार दंपति ने हाईकोर्ट में अपील की थी 26 नवंबर, 2013 को राजेश और नुपुर को सीबीआई कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह ऐसा हत्याकांड था जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया था कि इतने पढे लिखें और सम्पन्न माता-पिता अपनी एकलौती बेटी की कैसे हत्या कर सकते हैं जिस पर वह अपनी जान न्यौछावर करते हैं। आरुषि नोएडा के नामी स्कूल की होनहार छात्रा थी।

यह हत्याकांड 15-16 मई, सन् 2008 की रात को हुआ और आरुषि की लाश नोएडा में अपने घर में बिस्तर पर मिली,  इस घटना के शक की सुई घर के नौकर से लेकर हर सदस्य पर गई जो आरुषि के काफी करीब था। लेकिन यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि आरुषि की हत्या किसने की साथ ही इस हत्या कांड में बेहद सनसनीखेज तरीके से नोएडा पुलिस ने यह दावा किया था कि आरुषि-हेमराज का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसके पिता डॉक्टर राजेश तलवार हैं, इसके पीछे पुलिस ने ऑनर किलिंग की दलील रखी, 23 मई, 2008 को पुलिस ने बेटी की हत्या के आरोप में राजेश तलवार को गिरफ्तार कर लिया। और इसके बाद भी कई ऐसे पहलू सामने आये जिसकी वजह से अदालत किसी फैसले पर सही तरीके से नहीं पहुंच पायी और 9 साल बाद आज इस केस पर फैसला आयेगा।

ऑनर किलिंग क्या है

ऑनर किलिंग वह हत्या है जिसमें, किसी परिवार, वंश या समुदाय के किसी सदस्य की (आमतौर पर एक महिला) की हत्या उसी परिवार, वंश या समुदाय का एक या एक से अधिक सदस्य (अधिकतर पुरुष) द्वारा की जाती है और हत्यारे (आमतौर पर समुदाय के अधिकतर सदस्य) इस विश्वास के साथ इस हत्या को अंजाम देते हैं कि मरने वाले सदस्य के कृत्यों के कारण उस परिवार, वंश या समुदाय का अपमान हुआ है।

सीबीआई जांच

जेल में तलवार के 50 दिन गुजारने के बाद उन्हें जमानत मिल गई, और 2010 में दो साल बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। इसी दौरान कई बार सुनवाई चलती रही और तमाम घटनाक्रमों के बाद फिर से तलवार दंपति शक के घेरे में आ गये, गाजियाबाद कोर्ट ने तलवार दंपत्ति को सबूत मिटाने का दोषी पाया, दोनों के खिलाफ आरुषि-हेमराज मर्डर केस में शामिल होने के आरोप तय किए गए।

तमाम सबूतों के चलते नवंबर 2013 में सीबीआई कोर्ट ने आरुषि के पिता राजेश और मां नूपुर तलवार को उसकी हत्या के जुर्म का दोषी माना, उनको उम्र कैद की सजा सुना दी गई। लेकिन आज इस केस पर हाईकोर्ट का फैसला आयेगा कि क्या आरुषि के माता-पिता ही उसकी हत्या के दोषी थी।

 

 

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