वनस्पति वैज्ञानिकों की नयी खोज, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर

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पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

वनस्पति वैज्ञानिक पौधों और वनस्पतियों की खोज में कई नए शोध कर रहे हैं इसी शोध के परिणाम स्वरुप कोलकाता स्थित बोटैनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (बीएसआई) ‘यूफोर्विएसी’ कुल के एक नए पौधे की खोज की गयी है, और वैज्ञानिकों ने इस पौधे का नाम देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर ‘ड्रायपिटिस कलामी’ रखा है ।

खास बात यह है कि पहली बार किसी पौधे की प्रजाति का नामकरण पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है , इस पौधे की खोज में जिन वैज्ञानिकों ने सफलता हासिल की है उनमें डॉ. गोपाल कृष्ण, के. कार्तिकेयन, विल्सन एरिसडेसॉन और तापस चक्रवर्ती की टीम का विशष रुप से योगदान रहा है।

पौधे की इस प्रजाति को पश्चिम बंगाल के बक्सा राष्ट्रीय उद्यान एवं जालदापारा राष्ट्रीय उद्यान से खोजा गया है , इसका नमूना बीएसआई के तहत आने वाले सेंट्रल नेशनल हरबेरियम (सीएनएच) हावड़ा में सहेज कर रखा गया है । इस खोज में मुख्य रुप से योगदान देने वाले वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. गोपाल कृष्ण ने बताया कि इस पौधे के रासायनिक घटक एवं औषधीय जानकारी के लिए आगे भी शोध करना अभी बाकी है।

खबरों की माने तो जर्नल में शोधकर्ताओं की टीम ने बताया है कि बक्सा राष्ट्रीय उद्यान और जालदापारा राष्ट्रीय उद्यानमें वनस्पतियों की सूची बनाते वक्त उप-उष्णकटिबंधीय नम अर्ध-सदाबहार वनों की एक गीली जगह से ‘ड्रायपिटिस’ के कुछ नमूने मिले, नमूनों के आलोचनात्मक परीक्षण और उससे जुड़े दस्तावेजों के अध्ययन से पता चला कि इस प्रजाति की खोज अब तक नहीं हुई थी और कहीं इसका जिक्र भी नहीं मिलता है। यह शोध वनस्पति विज्ञान के लिये काफी बडी उपल्बधि है। साथ ही इस पौधे के फायदे और दवाइयों के लिये यह पौधा कितना लाभदायक है इस पर अभी शोध चल रहा है।

इस पौधे से जुड़ा शोधपरक लेख न्यूजीलैंड से प्रकाशित होने वाले ‘फाइटोटेक्सा’ जर्नल में 5 सितंबर 2017 को प्रकाशित हुआ था।

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