हिट्लर और स्टेलिन के अलावा, क्या जानते हैं इन क्रूर तानाशाहों को?

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हिट्लर और स्टेलिन को क्रूर शासक के तौर पर याद किया जाता है

इतिहास इस बात का गवाह है कि विश्व ने अब तक कई क्रूर शासक देखे। इन्होनें ना सिर्फ़ लोगों को घुट घुट कर जीने को मजबूर किया बल्कि दुनिया में मानवता के लिए बड़ा संकट पैदा किया। जानिए उन क्रूर शासकों के बारे में जिनके शासन में जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ी।

1ईदी अमीन:-

युगांडा का तानाशाह ईदी अमीन बेहद क्रूर शासक था। इसने 8 वर्ष तक राष्ट्रपति के तौर पर राज किया और लोगों पर बहुत अत्याचार किया। इस क्रूर तानाशाह ने अपने पूरे शासन काल में करीब 6 लाख लोगों को मौत के घाट उतरवाया।

अमीन को सम्मानित होने का एक अजीबोगरीब शौक था। कुछ कहते है कि इस अजीब शौक कारण वो हर रोज़ किसी ना किसी सम्मेलन और समारोह कराकर खुद को सम्मानित कराता था। अमीन की पाँच बीवियाँ और कई बच्चे होने के बावजूद वो हमेशा शादी के लिए कम उम्र लड़की की तलाश में रहता था।

1979 में तंज़ानिया और अमीन विरोधी युगांडा सेना ने अमीन के शासन को जड़ से उखाड़ फेंका।
जैसे-तैसे अमीन सऊदी अरब आ गया, यहाँ साल 2003 में उसकी मौत हो गई। लेकिन आज भी इसकी क्रूरता के किस्से सुन लोग सहम और काँप जाते हैं।

2मुअम्मर अल-गद्दाफ़ी:-

मुअम्मर अल-गद्दाफ़ी को ‘कर्नल गद्दाफी’ के नाम से जाना जाता है। गद्दाफ़ी के शासनकाल में कई कत्लेआम और पाशविकता हुए।
डेली मेल की एक रिपोर्ट में बताया गया कि त्रिपोली यूनिवर्सिटी और कई दूसरी जगहों पर बनाए गए खूफिये तहखानों में स्कूल और कॉलेजों से किडनैप की गई वर्जिन लड़कियों को रखा जाता था। गद्दाफ़ी यहाँ सैकड़ों लड़के-लड़कियों का यौन शोषण किया करता था।

3पोल पॉटः-

पोल पॉट 1975 के मध्य में कंबोडिया का शासक बना। इस क्रूर शासक के शासन में जनता घुट घुट कर मरने को मोहताज हो गई।
उनकी सेना को खमेर रूज़ के नाम से जाना जाता था। पोल के शासन के दौरान, जनसंख्या का करीब 20% हिस्सा बेगार, भुखमरी, अकाल आदि से मारा गया था।

4किम जोंग :- 

किम जोंग अपने पिता किम उल सुंग की मृत्यु के बाद तानाशाह बना। अगर मौजूदा समय की बात करें तो किम जोंग दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह है। इसने अपने शासनकाल में लगभग 3 लाख से भी ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार करवा लिया था। इसने लाखों कोरियाई नागरिक को अपनी क्रूर नीतियों के कारण मौत के घाट उतार दिया।

उत्तर कोरिया में कर्मचारियों को सात दिन काम करना होता है। यहाँ बाइबिल रखना या फिर दक्षिण कोरियाई फ़िल्म या पोर्न देखने पर मौत की सजा तक मिल सकती है। किम ने आपने देश के ग़रीबों की फ़ोटो लेने पर भी प्रतिबंध लगाया है। नॉर्थ कोरिया में पर्यटकों से मोबाइल एयरपोर्ट पर ही ले लिया जाता है और जब वे अपना देश वापस जाते हैं, तब उन्हें इसे वापस दिया जाता है।

इन सब को जानने के बाद आपको पता चल गया होगा कि दुनिया ने कितने क्रूर तानाशाहों को देखा है। इन्होने न केवल अपनी जनता पर अत्याचार किए बल्कि उन्हें आजीवन तड़पाया।

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