‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ राजबीर सिंह के बेटे ने किया पिता का अधूरा सपना पूरा

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अपनी पुलिस सर्विस में 50 से ज्यादा एनकाउंटर करने वाले दिल्ली के सुपर कॉप राजबीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी मौत दिल्ली पुलिस के लिए जबर्दस्त झटका साबित हुआ।
देश के 8 सबसे चर्चित ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ में शुमार रहे ACP राजबीर ने कड़ी मेहनत के दम पर, बेहद कम वक्त में शोहरत की बुलंदियों को हासिल किया।

राजबीर सब इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हुए थे मगर कठिन परिश्रम से वह महज 13 साल में प्रमोट होकर ACP बन गए। उनकी मौत के 9 साल बाद उनके बेटे रोहित उन्हीं के कदमों पर चलकर आईपीएस बन गए हैं।

रोहित राजबीर सिंह के लिए ये सब बहुत मुश्किल था क्योंकि 16 साल की उम्र में पिता का साया उठने के बाद उन्होने हर मुश्किलों को हराकर अपने पिता का अधूरा सपना पूरा किया।

उस दिन जब घर में मातम छा गया

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एनकाउंटर स्पेशलिस्ट – राजबीर सिंह

24 मार्च 2008 की रात को जब उनके पिता की हत्या हुई, उस वक्त रोहित 11वीं की कक्षा में थे। उस रात करीब 11 बजे स्टाफ के कुछ लोग आए और उनके पिता के बारे में जानकारी दी। उस दिन उनके घर में मातम छा गया।

इस बाद रोहित ने IPS बनने की ठानी क्योंकि उनके पिता का भी यही सपना था। रोहित ने डीपीएस आरके पुरम से पढ़ाई करने के बाद दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी से 2013 में मैकेनिकल इंजिनियरिंग पूरी की। उन्होने रोज़ दिन रात पढ़ाई की और परिणाम स्वरूप यूपीएससी की परीक्षा पास की।

औरतों के साथ बढ़ते अपराध पर फोकस

रोहित का ज़्यादा ध्यान महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर है और वह स्ट्रीट क्राइम को भी रोकना चाहते हैं। उन्होने ट्रेनिंग के दौरान एक मर्डर मिस्ट्री और दो हत्या की कोशिश के मामलों को सुलझाया था। अब IPS की ट्रेनिंग के बाद रोहित की दिल्ली के पटेल नगर में बतौर ACP उनकी पहली पोस्टिंग हुई है।

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