गौरी लंकेश की हत्या से केरल विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को मिलेगा कितना सियासी फायदा

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दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या कई सियासी पार्टियों के लिए गले की फांस बन गई है। गौरी लंकेश की हत्या के बाद मीडिया में जहां लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा के लिए सवाल उठने लगे हैं वहीं केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव भी सियासी भंवर में उलझ गये। दरअसल सबसे बड़ा सियासी संकट केरल के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सामने है। केरल में कांग्रेस की सरकार है। गौरी लंकेश पर लेफ्ट विचारधारा से प्रेरित होने के आरोप लगते रहे है।ऐसे में लेफ्ट पार्टियां गौरी लंकेश मामले पर राज्य सरकार को पहले ही क्लिन चिट दे चुकी है। हालांकि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य के हिंदु वोटरों पर भी है। गौरी लंकेश के ज्यादातर लेखों में मोदी सरकार और कट्टर हिंदुत्व के खिलाफ चोट की जाती थी। ऐसे में कांग्रेस अगर सिर्फ बीजेपी विचारधारा पर टारगेट करती हुई आगे बढ़ती है तो राज्य के कोर हिंदु वोटर कांग्रेस से छिटक सकते हैं।

गौरी की हत्या के राजनीतिक मायने

गौरी लंकेश का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री गौरी लंकेश को श्रद्धांजली देते हुए।

आपको बता दें कि गौरी लंकेश देश की ऐसी पहली पत्रकार है जिनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया है। इस तरह से विदाई किसी शहीद को ही दी जाती है। गौरी लंकेश की हत्या के बाद जिस तरह से राज्य सरकार कटघरे में आऩी चाहिए थी कम से कम उससे तो कांग्रेस के सिद्धरमैया बच गये हैं।वामपंथी विचारधारा की  गौरी लंकेश कट्टर हिंदुत्व के खिलाफ लिखती रही हैं। उनके अंतिम संपादकीय में फेक न्यूज पर खासा फोकस किया गया था । इस संपादीय का इशारा भी मोदी सरकार के कामों और मीडिया में मोदी की वाहवाही पर था। गोरी के लेख की वजह से ही राज्य की सिद्दारमैया सरकार को क्लिन चिट मिल गई।कांग्रेस भी गौरी लंकेश की हत्या को राजनीतिक चश्मे से देख रही है। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में इस हत्या से किस तरह से राजनीतिक माइलेज लिया जाये सभी पार्टियां इसी फिराक में है। हालांकि कांग्रेस  के लिए सकारात्मक मुद्दा ये है कि दक्षिण भारत मे मजतबूत स्थिति में रहने वाली सभी लेफ्ट पार्टियां कांग्रेस के साथ हैं। ऐसे मे गौरी का कट्टर हिंदुत्व पर प्रहार और वामपंथी दलों का कांग्रेस को क्लिन चिट देना कितना सियासी फायदा पहुंचायेगा ये तो वक्त बतायेगा, लेकिन इतना तय है केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव इस बार काफी दिलचस्प होने वाले हैं।

सियासी भंवर से दूर है परिवार

गौरी की मौत से सदमे में है परिवार
गौरी लंकेश की हत्या के बाद परिजन सदमे में।

गौरी की हत्या के बाद भले ही तमाम राजनैतिक दल एक दूसरे पर कीचड़ उछालने में लगे हों लेकिन इस मामले पर परिवार काफी संभल कर बयान दे रहा है। गौरी के भाई का कहना है कि गौरी की हत्या किसने की ये तो सीसीटीवी फुटेज के बाद ही साफ हो पायेगा। मगर उससे पहले दक्षिणपंथी, हिन्दुत्ववादी ताकतों को गौरी का हत्यारा साबित करने की कोशिश की सही नहीं।इससे पहले कलबुर्गी, पन्सारे और दाभोलकर की हत्या पर भी कुछ इसी तरह की जल्दबाजी की गई थी।

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