रूपए का मजबूत होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए है हानिकारक।

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रूपए का मजबूत होना अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक

रूपया अंतराष्ट्रीय बाज़ार में मजबूत चल रहा है,जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार शंकर आचार्य ने कहा है की रूपए के मजबूत होने से भारतीय अर्थव्यवस्था में नकारात्मक असर पड़ सकता है। क्योकि मजबूत रूपया भारतीय निर्यात को घटाता है। उन्होंने यह भी कहा की भारतीय रिजर्व बैंक को तुरंत कदम उठाने चाहिए। रूपए में कमजोरी आने से भारतीय निर्यात को बल मिलेगा साथ ही घरेलु निर्माण क्षेत्र में भी तेज़ी आएगी।

बता दे की शंकर आचार्य इंडियन कौंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशल इकोनॉमिक रिलेशंस के प्रोफेसर हैं। शंकर आचार्य ने जानकारी दी की अर्थव्यवस्था में फौरी राहत के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक मौद्रिक नीति में तात्कालिक परिवर्तन ला सकती है। दरअसल GST के जरिये सरकारी राजस्व संग्रहण में अनिश्चितता बरकरार है साथ ही केंद्र समेत राज्यों का कुल वित्तीय घाटा जीडीपी का 7% प्रतिशत हो गया है,जो की बहुत ज्यादा है। जब भी सरकार वित्तीय घाटे में चलती है तो उसके पास धन की कमी हो जाती है ऐसे में वह अपनी क्राय क्षमता को सही करने के लिए निर्यात को प्रोत्साहित करती है,जिससे सरकार की आर्थिक स्तिथि सुधर जाती है। मगर ऐसे में अगर रूपया मजबूत होता है तो वह निर्यात के लिए लाभकारी नही है।

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