70 साल पहले की गई एक भारतीय वैज्ञानिक की भविष्यवाणी हुयी सत्य

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प्रतीकात्मक फोटो

ब्रह्माण्ड, तारें हमेशा से वैज्ञानिकों के लिए एक ऐसी पहेली है जिसमें ना जाने कितने सत्य समाये हुये हैं, और ब्रह्माण्ड ना जाने कितने तारों और ग्रहों से भरा हुआ है। ब्रह्माण्ड में सभी ग्रह, तारे, गैलेक्सियों के बीच के अंतरिक्ष की अंतर्वस्तु, अपरमाणविक कण, और सारा पदार्थ और सारी ऊर्जा शामिल है। अवलोकन योग्य ब्रह्माण्ड का व्यास वर्तमान में लगभग 28 अरब पारसैक (91 अरब प्रकाश-वर्ष) है। पूरे ब्रह्माण्ड का व्यास अज्ञात है, और ये अनंत हो सकता है।

ब्रह्माण्ड और तारों को लेकर भारतीय अंतरिक्ष विज्ञानी और नोबल विजेता सुब्रमण्यम चंद्रशेखर की 70 साल से भी पहले की गई भविष्यवाणी की पुष्टि अब हुई है, और उहोनें यह कहा था कि तेजी से घूमते हुए तारे ध्रुवित प्रकाश उत्सर्जित करेंगे। उनके सिद्धांत की यह पहली पुष्टि ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने की है।

ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी और ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने रेगुलुस नामक तारे से निकलते ध्रुवित प्रकाश की पहचान के लिए एक बेहद संवेदनशील उपकरण का इस्तेमाल किया, खास बात यह है कि रेगुलुस रात के समय आकाश में सबसे ज्यादा चमकने वाले तारों में से एक है। वाकई में इस महान वैज्ञानिक की भविष्यवाणी आज सत्य साबित हो गयी है।

 

 

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