भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की ज़िंदगी से जुड़ी बातें

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Dr. manmohan singh
डॉक्‍टर मनमोहन सिंह देश के पहले सिख प्रधानमंत्री हैं।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सबसे ज़्यादा पढ़े लिखे प्रधानमंत्री है। मनमोहन सिंह विचारक और विद्वान के रूप में प्रसिद्ध है। वह अपनी नम्रता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उनके ज़िंदगी में कई उतार चढ़ाव आए। आज हम उनकी ज़िंदगी के महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानेंगे…

  • पंजाब के गाँव में जन्म लिया:-

    manmohan singh
    मनमोहन सिंह की पुरानी तस्वीर

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जन्‍म 26 सितम्‍बर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के एक गाँव में हुआ था।मनमोहन सिंह ने साल 1948 में पंजाब विश्‍वविद्यालय से अपनी मैट्रिकुलेशन की परीक्षा पास की।

उनके शैक्षणिक जीवन ने उन्‍हें पंजाब से कैम्ब्रिज विश्‍वविद्यालय पहुँचाया, जहाँ उन्‍होंने साल 1957 में अर्थशास्‍त्र में प्रथम श्रेणी में स्‍नातक डिग्री हासिल की।

  • कंपकपाती ठंड में भी सुबह 4 बजे नहाते मनमोहन सिंह-

    Dr. manmohan singh
    वे इंग्लैंड में सर्दियों में भी हर रोज सुबह चार बजे नहा लेते थे

जगदीश भगवती और मनमोहन सिंह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में साथ-साथ पढ़ते थे। वे कहते हैं, ‘यूं तो मनमोहन ने सारे शहरी तौर-तरीके सीख लिए थे, लेकिन उसकी एक ऐसी आदत थी जो इंग्लैंड में भी रहकर नहीं बदली।

मनमोहन का प्रारंभिक जीवन गाँव में बीता था। भारत के गाँव में लोग दिनभर फ्रेश रहने के लिए सूर्योदय के साथ ही नहा लेते हैं। मनमोहन सिंह इंग्लैंड आकर भी इस आदत को बदल नहीं सके। वे यहां सर्दियों में भी हर रोज सुबह चार बजे नहा लेते थे।

  • वित्त मंत्री बने, तो सब चौंक गए-

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    मनमोहन सिंह भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे पढ़ेलिखे प्रधानमंत्री हैं।

1991 में मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री बनाकर तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहराव ने देश ही नहीं, दुनिया को चौंका दिया था। यही मनमोहन के राजनीति में प्रवेश का रास्ता बना।

  • लाइसेंस राज खत्‍म किया-

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मनमोहन सिंह अपने करियर के दौरान बड़े पदों पर रहे हैं

उन्‍होंने 1991-96 के बीच वित्‍त मंत्री रहते हुए लाइसेंस राज खत्‍म किया और अरसे से बंद पड़ी अर्थव्‍यवस्‍था के दरवाज़े दुनिया के लिए खोल दिए।

  • 1991 के बाद ग्लोबल बना भारत-

    globalization
    वैश्विकरण या ग्लोबलाइजेशन वह प्रक्रिया है, जिसमें व्यापार, सेवाओं या तकनीकियों का पूरे संसार में वृद्धि, विकास और विस्तार किया जाता है।

1991 में जब भारत को दुनिया के बाज़ार के लिए खोला गया तो मनमोहन सिंह ही देश के वित्त मंत्री थे। देश में आर्थिक क्रांति और ग्लोबलाइज़ेशन की शुरुआत इन्होंने ही की थी। इसके बाद पीएम रहते हुए मनरेगा की शुरुआत भी एक बड़ा फैसला रहा, मनरेगा के कारण कई गरीब लोगों को रोज़गार मिल पाया।

  • कई बड़े पदों पर रहे हैं-

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    नरेंद्र मोदी से ठीक पहले वो देश के प्रधानमंत्री थे।

मनमोहन सिंह अपने करियर के दौरान बड़े पदों पर रहे हैं। वो भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर रहे, योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे और वित्त मंत्री रहे। यही नहीं, नरेंद्र मोदी से ठीक पहले वो देश के प्रधानमंत्री थे। मनमोहन सिंह जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी के बाद लगातार दो बार चुने जाने वाले प्रधान मंत्री बने।

  • उनके पास कई अवार्ड्स हैं-

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मनमोहन सिंह को अपने जीवन में कई अवॉर्ड्स से नवाज़ा गया।

सिंह को मिले कई पुरस्कारों और सम्मानों में से सबसे प्रमुख सम्मान है –

  • भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण।(1987)
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस का जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी पुरस्कार।(1995)
  • वर्ष के वित्त मंत्री के लिए एशिया मनी अवार्ड।(1993 और 1994)
  • वर्ष के वित्त मंत्री के लिए यूरो मनी अवार्ड।(1993)
  • कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (1956) का एडम स्मिथ पुरस्कार।
  • कैम्ब्रिज के सेंट जॉन्स कॉलेज में विशिष्ट प्रदर्शन के लिए राइट पुरस्कार।(1955)
  • सिंह को जापानी निहोन किजई शिम्बुन एवं अन्य संघो द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
  • उन्हें कैंब्रिज एवं ऑक्सफ़ोर्ड तथा अन्य कई विश्वविद्यालयों द्वारा मानद उपाधियाँ प्रदान की गई हैं।

मनमोहन सिंह की ज़िंदगी के अनछुए पहलुओं को जानने के लिए इस वीडियो को देखें-

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