‘मेंटर इंडिया’ अभियान : युवा इंडिया की नई सोच

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‘मेंटर इंडिया’ अभियान

छात्र ही भारत का भविष्य है, आगे चलकर उनकों ही राष्ट्र की जिम्मेदारी अपने कंधो पर लेनी होगीं। इसी दिशा में प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नीति आयोग ने युवा छात्रों के लिए एक नई पहल की है जिसके बल पर ना सिर्फ छात्र रिसर्च में अपनीं योग्यताओं को साबित करेगें बल्क़ि दुसरी ओर उनकी निखरती प्रतिभा के बल पर हमारे देश की नीव मजबूत रूप से खड़ी रहेंगीं।

बता दे कि मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा व्यापक तौर पर शिक्षा में सुधार के प्रयासों पर बल दिया जा रहा है। ‘मेंटर इंडिया’ अभियान इसी प्रयास को एक नई शुरुवात देगी। आज भी हमारी शिक्षा प्रणाली का आधार अंग्रेजी शिक्षा ही है। जिसको समय के साथ हमे बदलना होगा।

नीति आयोग के अधिकारी (CEO) द्वारा राष्ट्रव्यापी पहल ‘मेंटर इंडिया’ अभियान का शुभारंभ। अटल नवाचार मिशन के एक हिस्से के रूप में देश भर में स्थापित 900 से अधिक अटल टिंकरिंग लैबो में छात्रों के मार्गदर्शन के काम मे अग्रणी भूमिका निभाने वाले लोगो को शामिल कर के यह राष्ट्र निर्माण की रणनीतिक पहल है। यह संभवतः विश्वभर में औपचारिक शिक्षा के सबसे बड़े प्रसार के अभियान की पहल है।

इस अभियान के तहत नीति आयोग ऐसे अग्रणी लोगों की तलाश में है जो कहीं भी प्रत्येक सप्ताह एक से दो घंटे के बीच एक या अधिक ऐसे लैबों में छात्रों को अनुभव लेने, सीखने तथा डिजाइन और गणनात्मक सोंच जैसे भविष्य के कौशल अभ्यास में समर्थ बनाएंगे। ये लैब छात्रों को थ्री डी प्रिंटरों, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स औजारों, इंटरनेट और सेंसरों आदि जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के बारे में जानकारी देंगे।

अटल नवाचार मिशन:-नीति आयोग का अटल नवाचार मिशन, भारत सरकार के उन फ्लैगशिप कार्यकर्मो में से एक है जिससे देश भर में अटल टिंकरिंग लैबो की स्थापना होगी और नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलेगा। इस अभियान के तहत देशभर में 900 से अधिक ऐसे लैबो की स्थापना हो चुकी है। अथवा होने वाली है इसका लक्ष्य वर्ष 2017 के अंत तक ऐसे 2000 लैब स्थापित करना है।

Atal-Tinkering-Labs
अटल नवाचार मिशन

टिंकरिंग लैब

  • अटल टिंकरिंग लैब ऐसे वर्क स्टेशन हैं, जहां छठी कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा के छात्र नवीन कौशल सीखेंगे और ऐसी अवधारणाएं विकसित करेंगे जिससे भारत की तस्वीर बदले।
  • साथ ही स्कूलों में भी पुस्तकों से ज्यादा इनोवेशन पर ध्यान दिया जाएगा, प्रयास यही रखेगा कि शिक्षा में गुणवत्ता हों न की पुस्तकों का भार।

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