“ऑनलाइन पढ़ेगा भारत तभी तो आगे बढ़ेगा भारत”

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education system of india
ऑनलाइन पढ़ेगा भारत

भारत में यह बहुत जरूरी है कि शिक्षा के लिए ऐसा उपाय निकाला जाए जिससे सबको आसानी से “शिक्षा का आधिकार”  मिल सके, देश के विकास के लिए आवश्यक है की शिक्षा सभी को हर जगह आसानी से उपलब्ध हो, जिसमे गुणवत्ता का भी खासा ख्याल रखा गया हो।

भारतीय शिक्षा का इतिहास भारतीय सभ्यता का भी इतिहास है। भारतीय समाज के विकास और उसमें होने वाले परिवर्तनों की रूपरेखा में शिक्षा की जगह और उसकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण पाते है। पहले सभी वर्गो के लिए शिक्षा उपलब्ध नही थी फिर बौद्धकाल के दौरान स्त्रियों और शूद्रों को भी शिक्षा की मुख्य धारा में सम्मिलित किया गया।

1948-49 में विश्वविद्यालयों के सुधार के लिए भारतीय विश्वविद्यालय आयोग की नियुक्ति हुई। आयोग की सिफारिशों को बड़ी तत्परता के साथ कार्यान्वित किया गया। उच्च शिक्षा में पर्याप्त सफलता प्राप्त हुई भारत में साक्षरता दर 75.06 है (2011), जो की 1947 मे मात्र 18 % थी। भारत की साक्षरता दर विश्व की साक्षरता दर 84% से कम है।

भारत मे साक्षरता के मामले मे पुरुष और महिलाओं मे काफ़ी अंतर है जहा पुरुषों की साक्षरता दर 82.14 है वहीं महिलाओं में इसका प्रतिशत केवल 65.46 है। महिलाओं मे कम साक्षरता का कारण अधिक आबादी और परिवार नियोजन की जानकारी कमी है।

भारत में 6-14 साल के आयु वर्ग के प्रत्येक बालक और बालिका को स्कूल मे मुफ़्त शिक्षा का अधिकार है। यहाँ पर 40%से अधिक बालिकायें 10 वीं कक्षा के उपरांत स्कूल त्याग देती है।

MOOCs programme of india

MOOC क्या है?

भारत सरकार की एक पहल उन विद्यार्थियों के लिए है, जो आर्थिक और सामाजिक कारको के कारण बाहर उच्च शिक्षा लेने नहीं जा सकतें| यह मानव विकास संसाधन मंत्रालय की एक नवीन पहल है, जिसके तहत निम्न कार्यक्रम चल रहे है:-

स्वयं योजना :-

  • यह एक वेब पोर्टल है, जहां मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज (MOOCs) के सभी प्रकार के विषयों पर सर्टिफिकेट दिए जाएगे जो, फ्री ऑफ़ कॉस्ट उपलब्ध होंगे।
  • इस वेब पोर्टल को  देश के सबसे वंचितों सहित, सभी व्यक्तियों को सर्वोत्तम शिक्षण प्रणाली से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।
  • यह देश के उन लोगों तक शिक्षण प्रणाली को पहुचायेगा, जो सुदूरवर्ती इलाकों में रहते है।

स्वयं प्रभा:-

  • यह उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण कार्यक्रमों को 32 DTH चैनलों के माध्यम से लोगो तक पहुंचायेगी। जो जीसैट-15 उपग्रहों के जरिये 24×7 प्रसारण उपलब्ध कराया जाएगा।
  • नेशनल एकेडमिक डिपाजिटरी(NAD)
  • यह अकादमी सर्टिफिकेट, डिप्लोमा,डिग्री,मार्कशीट आदि के लिए 24×7 ऑनलाइन स्टोर है, जिसमे विद्यार्थीयों के लिए डिजिटली रूप से प्रमाण पत्र रखे जायेगे
  • यह अकादमिक अवार्ड्स को भी डिजिटल रूप से सुरक्षित रखेगी, यह अकादमिक अवार्ड्स के प्रमाणिकता की भी गारंटी देती है.

प्रोग्राम 17 फॉर 17:-

  • 2017 के लिए 17 बातों पर कार्य किया जाएगा, जिसमे हाई क्वालिटी एजुकेशनल प्रोग्राम और डिजिटल प्लेटफार्म का निर्माण करना शामिल है।
  • इसी के तहत फ़ीस लेंन देंन को भी ऑनलाइन कर दिया जाएगा, यह सार्वभौमिक डिजिटल शिक्षा की ओर भारत का एक और कदम है।

महत्व:-

यह गाँव शहर, राज्यों के बीच में शिक्षा के अंतर को समाप्त करेगा तथा गुणवत्ता में सुधार लाएगा तथा यह सस्ती, आसानी से सुलभ तथा इंटरैक्टिव है, साथ ही यह लोगों को अपनी गति से सीखने की सुविधा प्रदान करती है।

 

 

 

 

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