नोट बंदी का फायदा टैक्स पेयर्स की संख्या में ईजाफा

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tax payers increase
भारत के करदाता बड़े

धीमी गति से ही सही पर अब लोगो की मानसिकता में बदलाव देखने को मिल रहा है। यह बात आंकड़ो से और भी ज्यादा साफ़ हो जाती है।इस वर्ष के पहले पांच महीनों के अंतर्गत प्रत्यक्ष कर संग्रह 17.5% से बढ़कर 2.24 लाख करोर तक पहुच गया है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान व्यक्तिगत आयकर का है। यह इस वर्ष के कुल बजट के अनुमान का 22.9% है। इस साल सरकार ने 9.80 लाख करोर के टैक्स  संग्रह का लक्ष्य रखा है।वित्तमंत्रालय ने कहा की इस वर्ष कर संग्रह में ज्यादा वृद्धि हुई है। कॉर्पोरेट कर संग्रह में 5% और व्यक्तिगत आयकर में 16% की वृद्धि हुई है।

आपको बता दे की कुछ महीनो पहले प्रधानमन्त्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था की इस एक अरब की जनता में केवल 10% ही लोग अपनी राष्ट्र की प्रति अपनी जिम्मेदारी को टैक्स देकर निभाते है।

साथ ही उन्होंने कहा था की अगर आप एक उन्नत भारत का हिस्सा बनाना चाहते है तो टैक्स देकर सरकार का सहयोग करे। क्योकि टैक्स पयेर्स का पैसा ही राष्ट्र के विकास में लगाया जाता है| इसी की ओर कदम उठाते हुए सरकार ने इस वर्ष कई वित्तीय सुधार भी किये है।

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