जानिए नोट बंदी को लेकर क्या कहा RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने

0
293
raghuram rajan views on on demonetization
कोई भी आर्थिक निर्णय तभी देश के हित में हो सकता है जब तक की लोग उसे सदभावना और सहनशीलता से स्वीकार करे|

हाल ही में RBI के पूर्व गवर्नर ने रघुराम राजन ने इंडियन एक्सप्रेस में कहा है की कोई भी आर्थिक निर्णय तभी देश के हित में हो सकता है, जब तक की लोग उसे सदभावना और सहनशीलता  से स्वीकार करे| यह कथन उन्होंने नोट बंदी के संदर्भ में कहा, साथ ही सन्देश दिया की , देश हित के बारे में  विचार करना देशवासियों  की भी  नौतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए|

क्या नोट बंदी की अचानक घोषणा अर्थव्यवस्था के लिए ठीक थी ? इसके जवाब में उन्होंने कहा की कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले कुछ  शोध किये  जाते है तथा यह आकलन किया जाता है की, उसका भविष्य में क्या प्रभाव पड़ेगा | इसके लिए 1 से 6 महीने तक  का समय लग सकता है| लेकिन यह नोट बंदी अचानक हुई,हालाँकि वह ज्यादा सकारात्मक सोच वाले इंसान है |

आगे कहते हुए उन्होंने बताया की किसी भी देश के बड़े आर्थिक फैसले अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओ, अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धो, कूटनीतिक फैसलों और व्यवसाय को ध्यान में रखकर लिए जाते है| इस तरह आप किसी एक कारक को लेकर नहीं चल सकते, बल्कि सारे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए तथा आम सहमती के साथ ही चलना हमारी अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक होगा|

raghuram rajan
रघुराम राजन ने किया नोट बंदी को लेकर अपने विचारो का खुलासा .

बता दे की RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की किताब “I DO WHAT I DO” को लेकर चर्चाओ में है|
राजन मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी के अर्थशास्त्र विभाग और स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेण्ट; नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के केलौग स्कूल ऑफ मैनेजमेण्ट और स्टॉकहोम स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स में अतिथि प्रोफेसर भी रहे हैं। उन्होंने भारतीय वित्त मन्त्रालय, विश्व बैंक, फेडरल रिजर्व बोर्ड और स्वीडिश संसदीय आयोग के सलाहकार के रूप में भी काम किया है| सर्वश्रेष्ठ केंद्रीय बैंक गवर्नर’ पुरस्कार (10 अक्टूबर, 2014 को ‘यूरोमनी’ पत्रिका द्वारा वर्ष 2014 के लिए), यह पुरस्कार रघुराम राजन को भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कठोर मौद्रिक उपाय करने के लिए चयनित किया गया। उनकी पुस्तक ‘फाल्ट लाइंस : हाउ हिडेन फ्रैक्चर्स स्टिल थ्रीटेन द वर्ल्ड इकॉनोमी’काफी चर्चित है|

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here