कैसे सेबी बच रहा है फर्ज़ी पैन कार्ड धारकों से

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SEBI RULES
सेबी के नये नियम

सेबी जल्द से जल्द अंपनी वित्तीय प्रणाली में सुधार लाना चाहती है ताकि लाभार्थियों की सही पहचान कर, ताकि उन लोगो की धोखाधड़ी से बाज़ार को बचाया जा सके, जो मार्किट में फ्रॉड करते है| इसी की ओर कदम बढ़ाते हुए, सेबी ने बैंक्स से कहा वे अपने ग्राहकों के अकाउंट को आधार से जोड़े| इसके लिए आखिरी तारीख 31 दिसम्बर तक की दी है|

आपको बता दे कि सेबी के पास सिर्फ पैन कार्ड की सुविधा, जिससे वह अपने ग्राहकों की पहचान करती है| फर्जी पैन कार्ड के कई मामले भी सामने आ चुके है| जिसके कारण अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब हो रही है|

द इकोनॉमिक्स टाइम्स के हवाले से एक्सिस सिक्योरिटीज के MD अरुण ठकुराल का कहना है कि, भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई में, सरकार ने हर तरह की लेनदेन के लिए आधार ढांचे का इस्तेमाल किया- बैंकिंग, संपत्ति खरीद और पंजीकरण और यहां तक कि जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड भी। इसीलिए मार्किट की पारदर्शिता और जवाब देही के लिए यह आवश्यक है|

वही बी. गोपकुमार भी इससे सहमत नज़र आये, उनका कहना है कि “ग्राहक को ऋण का लाभ उठाने के दौरान 50 गुने से हस्ताक्षर करना पड़ सकता है यह ग्राहकों के लिए थकाऊ है और व्यवसायों के लिए कम कुशल है। आधार के साथ, किसी ग्राहक की जानकारी को  पूरी तरह से डिजिटल और मानकीकृत बनाया जा सकता है।

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पैन आधार लिंक योजना

जानिये सेबी के कार्य

प्रतिभूति बाजार (सेक्योरिटीज मार्केट) में निवेशको के हितों का संरक्षण तथा प्रतिभूति बाजार को उचित उपायों के माध्यम से विनियमित एवं विकसित करना। स्टॉक एक्सचेंजो तथा किसी भी अन्य प्रतिभूति बाजार के व्यवसाय का नियमन करना। प्रतिभूतियों के बाजार से सम्बंधित अनुचित व्यापार व्यवहारों (Unfair Trade Practices) को समाप्त करना। प्रतिभूतियों की इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगाना। प्रतिभूति बाजार से जुड़े लोगों को प्रशिक्षित करना तथा निवेशकों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना|

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