सिंगल और शादीशुदा होने के ये मज़ेदार बातें नहीं जानते होंगे आप

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single vs married
शादीशुदा और सिंगल्स होने के अपने अलग-अलग फ़ायदे हैं

कई बार सुनने को मिलता है कि शादी का लड्डू जो खाए वो भी पछताए और जो न खाए वो भी। तो क्यों न खाकर ही पछताया जाए। पर क्या सच में ऐसा है? इस बारे में हर किसी के अलग-अलग विचार होते हैं। क्या कहना है इसमे शादीशुदा और सिंगल्स का? आइए जानते हैं…

1क्या फ़ायदा है सिंगल होने का-

ऐसा जरूरी नहीं कि जो शादीशुदा नहीं हैं  वे खुश नहीं रह सकते

सिंगल व्यक्ति अकेले ज्यादा वक्त बिता पाते हैं, इसलिए उन्हें अकेले में सोचने और खुद का रचनात्मक तरीका से सक्षम बनाने का वक्त ज्यादा मिलता है।

ऐसा जरूरी नहीं कि जो शादीशुदा नहीं हैं  वे खुश नहीं रह सकते। डॉ. आशीष कहते हैं, ‘‘पश्चिमी देशों में करीब आधी शादियों का अंत तलाक में ही होता है। इसलिए शादी करना सामाजिक जीवन में सफल होने का एकमात्र तरीका नहीं।

सिंगल व्यक्ति अधिक व्यायाम कर पाते हैं क्योंकि ज़िम्मेदारियाँ कम होती है इसलिए। वे स्वयं को ज्यादा फिट रख पाते हैं।

जो लोग सिंगल होते हैं वो दोस्तों के साथ टाइम ज्यादा स्पेंड करते हैं. वो अपने घर-परिवार, रिश्तेदारों और पड़सियों के साथ अच्छे संबंध को बनाए रखते हैं।

उन्हें बेवजह की रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ता है।

2015 में सोशल साइंटिस्ट नतालिया सरकिसिआन और नाओमी गर्स्टेल ने एक रीसर्च में पाया कि सिंगल्स लोग शादीशुदा लोगों की तुलना में ज़्यादा सामाजिक होते हैं।

सिंगल लोगों के कम खर्चे होते है और वो खुद पर ज़्यादा पैसे खर्च कर सकते हैं। अगली स्लाइड्स में जाने शादीशुदा लाइफ के बारे में..

2जानते हैं शादी के क्या फ़ायदे हैं-

शादीशुदा होने के भी अलग ही फ़ायदे हैं

शादी के बाद प्यार की तलाश में आपको इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता है क्योंकि आप जिससे प्रेम करते हैं वो साथी आपके साथ ही होता है।

आपके पास ऐसा साथी होता है जो न सिर्फ आपके दिल के करीब होता है बल्कि उसका मिलन आपकी आत्मा से होता है।

परिवार की आर्थिक ज़िम्मेदारियों को साथ मिलकर उठाने में मदद मिलती है। अगर किसी एक की नौकरी नहीं है तो दूसरा साथी इस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाता है।

शादी के बाद आपको आपकी पारिवारिक जिम्मेदारियों का अहसास होता है।

आपको हमेशा इस बात की संतुष्टि रहती है कि आपकी चिंता और आपका ख्याल रखनेवाला साथी हमेशा आपके पास मौजूद है।

शादी के बाद पति या पत्नी, दोनों में से किसी को भी इमोशनल सपोर्ट की जरूरत होती है तो दूसरा हमेशा सपोर्ट देता है।

उपर लिखी बातों को पढ़कर आपको क्या लगता है, शादीशुदा लाइफ़ बेहतर है या सिंगल लाइफ़? कमेंट्स में ज़रूर बताएँ।

1 COMMENT

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