फोर्ब्स की लिस्ट में भारत एशिया का सबसे का सबसे भ्रष्ट देश

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ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल और एंटी करप्शन ग्लोबल सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट

– ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल और एंटी करप्शन ग्लोबल सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार देश को भ्रष्टाचार से मुक्त होने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा।

– ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के हालिया सर्वे के अनुसार भारत, एशिया का सबसे भ्रष्ट देश है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं।

– इसके रिपोर्ट के अनुसार घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है।

– लिस्ट में वियतनाम भारत के बाद है जहां घूसखोरी की दर 65 प्रतिशत है जबकि पाकिस्तान 40 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। 18 महीने चला ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल का सर्वे 16 देशों के 20,000 लोगों पर किया गया है।

– बर्लिन स्थित वाचडॉग ने भारत को पिछले साल 168 देशों में 76 वें स्थान पर रखा था। सर्वे के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा घूस स्कूलों में (58%) और स्वास्थ्य सेवाओं में (59%) दी जाती है।

ट्रांस्पिरेंसी इंटरनेशनल (टीआई) के बारे में

ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल (टीआई) एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है जो बर्लिन, जर्मनी में स्थित है, और  1993 में स्थापित किया गया था। इसका गैर-लाभकारी उद्देश्य भ्रष्टाचार से निपटने और भ्रष्टाचार से उत्पन्न होने वाली आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई करना है। यह उदाहरण के लिए वैश्विक भ्रष्टाचार बैरोमीटर और भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक प्रकाशित करता है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के पास जर्मन पंजीकृत स्वैच्छिक संघ (एंगेटरागनर वेरेइन) की कानूनी स्थिति है और यह एक छाता संगठन के रूप में कार्य करता है। इसके सदस्यों की संख्या कुछ व्यक्तियों से 100 से ज्यादा राष्ट्रीय अध्यायों से बढ़ी है जो अपने घर देशों में भ्रष्टाचार से लड़ने में संलग्न हैं।

फोर्ब्स

फोर्ब्स इन्कॉर्पोरेट, एक निजी स्वामित्व वाली प्रकाशन एवं मीडिया कंपनी है। जिसका प्रमुख प्रकाशन एक द्वि-साप्ताहिक पत्रिका फोर्ब्स है, जिसकी खपत (संचलन) 900,000 से अधिक है। अगस्त 2006 में, निजी इक्विटी फर्म, एलीवेशन पार्टनर्स, नवगठित कंपनी, फोर्ब्स मीडिया में एक अल्पसंख्यक शेयरधारक बन गयी, जिसमें फोर्ब्स पत्रिका और वेबसाइट पर अग्रणी व्यावसायिक साइटों में से एक Forbes .com शामिल हैं। Forbes.com प्रति महीने 18 लाख लोगों को तक पहुँचता है।

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