वीआईपी हुए और भी ख़ास, आमजन नज़रअंदाज़

0
179
VIP culture of india
वीआईपी हुए और भी ख़ास, आमजन नज़रअंदाज़

आज भारत में भले ही आमजन खुद को असुरक्षित महसूस करते हों लेकिन वीआईपी के सुरक्षा इंतेज़ामों में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है। ऐसा लग रहा है कि क़ानून व्यवस्था में केवल वीआईपी महाजनों को ही सुरक्षा की ज़रूरत है।

एक वीआईपी की सुरक्षा में तीन पुलिसकर्मी तैनात:-

अगर आम लोगों की बात की जाए तो प्रति 663 आदमी की सुरक्षा के लिए केवल एक पुलिसकर्मी ही मौजूद है। वहीं दूसरी ओर एक वीआईपी की सुरक्षा में औसतन तीन पुलिसकर्मी तैनात होते हैं। देश में 5 लाख से भी ज़्यादा पुलिस के पद खाली पड़े हुए है लेकिन वीआईपी महाजनों की सुरक्षा में कमी नहीं बरती गई है।

गृहमंत्रालय की ओर से आने वाली इस रिपोर्ट में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरों(बीपीआरडी) ने बताया गया है कि ताज़ा आकड़ो के अनुसार वीआईपी कल्चर ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है। आम लोगों की सुरक्षा का अंदाज़ा इन्ही आँकड़ों से लगाया जा सकता है कि देश में कुल 20,828 वीआईपी है तथा उनकी सुरक्षा के लिए 56,944 पुलिसकर्मी लगे हुए है।

बता दें कि, आज़ादी के बाद से ही पुलिस सुधारों की मांग चल रही है। वास्तव में भारत पुलिस व्यवस्था अँग्रेज़ों की देन है जो उन्होंने न्याय स्थापना के लिए नहीं अपितु अँग्रेज़ी कानूनों का पालन करवाने के लिए बनाई थी| लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम आज भी उनके कुछ नियमों का पालन करते आ रहे है। प्रधानमंत्री ने कुछ महीनों पहले घोषणा की थी कि उनकी सरकार ने अँग्रेज़ों के ज़माने के कई बेकार पड़े कानूनों को ख़त्म कर दिया है। लेकिन पुलिस सुधारों की ओर उनका ध्यान अभी तक नहीं गया है।

साढ़े पांच लाख पुलिसकर्मियों के पद खाली पड़े हुए है:-

बता दें कि भारत में आज कुल 19.26 लाख पुलिसकर्मी मौजूद है लेकिन आवश्यकता कम से कम 24.64 पुलिसकर्मियों की है। यानी लगभग साढ़े पाँच लाख पुलिसकर्मियों के पद अभी भी खाली पड़े हुए है। एक हैरान करने वाली बात यह है कि, जिन राज्यों में क़ानून व्यवस्था ज्य़ादा ख़राब है वहीं पर वीआईपी सुरक्षा में ज़्यादा पुलिस बल लगा हुआ है।

इनमें सबसे ख़राब हालत बिहार की है जहाँ 3200 वीआईपी की सुरक्षा में 6248 पुलिसकर्मी लगे हुए है। वहीं पश्चिम बंगाल में 2207 वीआईपी है जिनकी सुरक्षा 4233 पुलिसकर्मी कर रहे है।

आतंकवादग्रस्त जम्मू कश्मीर में 4499 पुलिसकर्मी, 2075 वीआईपी लोगों की सुरक्षा कर रहे है। उत्तर प्रदेश के हाल भी ज़्यादा ठीक नही है, केवल 1901 वीआईपी सुरक्षा में 4681 पुलिसकर्मी तैनात है। पकिस्तान की सीमा से लगे पंजाब में भी 1852 वीआईपी है जिन की रक्षा 5315 पुलिस वाले कर रहे है।

देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो यह क्षेत्र संवेदनशील है क्योंकि यहाँ विदेशी राजदूतो, केन्द्रीय मंत्रियों, न्ययधीशों और अन्य प्रमुखों का आना जाना लगा रहता है। इस तरह इनकी सुरक्षा करना तर्कसंगत लगता है लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में इस तरह वीआईपी सुरक्षा करना तर्कसंगत नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here