World Sight Day: अपनी आँखों का ख्याल रखें और ज़रूर करें नेत्र दान

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world sight day
आपकी आँखें दुनिया को देखने का ज़रिया है

आंख किसी व्यक्ति के जीवन में रंग भरता है। अगर आँखें नहीं है तो व्यक्ति का जीवन बदरंग और कठिन हो जाता है। आंखें एक अनमोल तोहफा हैं। अगर हम आंखों के प्रति थोड़ी भी लापरवाही बरतें, तो हमें अंधेपन का‍ शिकार हो सकते है। World Sight Day यानी विस्व दृष्टि दिवस अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य है, आंखों की बीमारियों और समस्याओं को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना। एक नज़र डालते हैं दृष्टि नुकसान विशेषज्ञ समूह की वर्ष 2017 की रिपोर्ट पर।

रिपोर्ट(2017) के अनुसार-
Eye Care
आंखें एक अनमोल तोहफा हैं
  • 36 मिलियन लोग दृष्टिहीन है।
  • 217 मिलियन लोग गंभीर या मध्यम दृष्टि नुकसान (दूर की नज़र ) से पीड़ित है।
  • 253 मिलियन लोग दृष्टिहीनता(अन्धेपन) से पीड़ित (2015) है।
  • नेत्रहीन लोगों में 55% केवल महिलाएँ हैं।
नेत्रदान दुनिया का सबसे बड़ा दान-
eye donation
अगर हर व्यक्ति खुद भी संकल्प ले तो दृष्टिहीन लोगों के जिंदगी में उजाला हो सकता है

दृष्टि संबंधित समस्याओं को झेल रहे लोगों की मदद के लिए और अधिक से अधिक नेत्रदान कराने के लिए आई बैंक व कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं। लेकिन अगर हर व्यक्ति खुद भी संकल्प ले तो दृष्टिहीन लोगों के जिंदगी में उजाला हो सकता है। अपने लिए तो इस दुनिया में हर कोई जीता है। मगर दुनिया से जाने के बाद भी अगर आप दुनिया से जुड़े रहना चाहते है, तो नेत्र दान ज़रूर करें।

जाने कौन कर सकता है नेत्रदान और कौन नहीं 
eye donation
मरणोपरांत आँखे ज़रूर दान करें
  • कोई भी स्वस्थ इंसान नेत्रदान कर सकता है।
  • चश्मा या कांटेक्ट लेंस पहनने वाले भी नेत्रदान कर सकते हैं।
  • आंखों की सर्जरी के बावजूद भी नेत्रदान किया जा सकता है।
  • आंखें दान करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती है।
  • चश्मा या कांटेक्ट लेंस का उपयोग करने वाले भी नेत्रदान कर सकते हैं।
  • आंखें दान करने के लिए उम्र की कोई सीमा तय नहीं होती है।
कौन नेत्रदान नहीं कर सकता
eye donation
आँखों को दान करना एक महान कार्य है
  • जीवित मनुष्य नेत्रदान नहीं कर सकता है।
  • पानी में डूबकर मरने वाले मनुष्य की आंखें दान नहीं की जा सकतीं।
  • पीलिया, एड्स, फूड पॉइजनिंग, ब्रेन टय़ूमर, सेप्टोसेमिया और मांस में सडऩ वाले मरीज़ नेत्रदान नहीं कर सकते।
  • ख़राब खाना खाने से हुई बीमारी वेल मरीज़ नेत्रदान नहीं कर सकते।
आँखों की सुरक्षा सबसे ज़रूरी है-
Eye Care
इंसान के शरीर का सबसे नाज़ुक और ज़रूरी अंग आँखें हैं
  • अपनी आंखों को दिन में कम से कम दो से तीन बार ठन्डे पानी से धोएँ ताकि इंफेक्शन का ख़तरा ना हो।
  • सोते समय आंखों का मेकअप उतार कर सोएँ।
  • आंखों में खुजली होने पर हाथों से न रगड़ें वरना हाथों के सारे बैक्टीरिया आंखों में चले जाएँगे ।
  • धूप में जाने से पहले काले चश्मे पहन लें।
  • कंप्यूटर पर काम करने वाले पलकें कम झपकते हैं। इसलिए बीच-बीच में पलकें झपका कर आंखों को आराम दें।
  • ज़्यादा कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल से आँखों में सूखापन होता है जिससे आँखों में जलन होती है।
  • कम रोशनी में कभी भी ना पढ़ें।
  • पानी व पेय पदार्थ का सेवन करें हरी सब्ज़ियों व मौसमी फलों को डाइट में शामिल करें।
  • पर्याप्त नींद लें कम नींद आँखों की थकान के लिए जिम्मेदार होती है, जिससे आँखों में उत्तेजना, फोकस करने में परेशानी, बेवक्त आँसू आना जैसी समस्या होती है।

इंसान के शरीर का सबसे नाज़ुक और ज़रूरी अंग आँखें हैं। आँख नहीं, तो कुछ नहीं। तभी तो कहते है कि आँखों की देखभाल हमेशा करनी चाहिए ताकि खूबसूरत दुनिया को हमेशा देखा जा सके।

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